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बच्चों को बीमार कर रही ठंड, निमोनिया के आठ बच्चे भर्ती

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एक बच्चा एनीमिया से पीड़ित पहुंचा
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बरेली। इन दिनों चल रही शीतलहर बच्चों को बीमार कर रही है। जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में निमोनिया, खांसी से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। गुरुवार को जिला अस्पताल में आठ नए बच्चों को एडमिट कर उनका इलाज शुरू किया गया, जिसमें एक बच्चा एनीमिया से पीड़ित मिला।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र ने बताया कि निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसमें फेफ ड़ों में संक्रमण हो जाता है। फेफ ड़ों में सूजन भी आ जाती है। कई बार पानी भी भर जाता है। यह बुखार या जुकाम होने के बाद होता है। पांच साल से छोटे बच्चों को इससे खतरा अधिक होता है। निमोनिया ज्यादातर बैक्टीरिया वायरस या फं गस से होता है। मौसम बदलने, सर्दी लगने, फेफ ड़ों में चोट लगने से इसका खतरा बढ़ जाता है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और ऐसे में बीमारियां उन्हें जल्दी जकड़ती हैं। इन दिनों खांसी और ऊपरी सांस लेने में दिक्कत ज्यादातर बच्चों में सामने आ रही है। ऐसा फेफ ड़ों में सूजन आने के कारण होता है। कहा कि परिवार के लोग कई बार खांसी-जुकाम को हल्के में ले लेते हैं और इस लापरवाही के कारण निमोनिया हो जाता है।
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इन लक्षणों को न करें नजरंदाज
- बच्चे का बार-बार खांसना।
- सांस लेने में दिक्कत महसूस होना।
- तेज और कम गहरी सांस खींचना
- सांस लेते वक्त गले से सीटी जैसी आवाज आना
ये बरतें सावधानी
- बच्चे को ठंड से बचाकर रखें।
- कमरे से बाहर निकालें तो बच्चे को ढंककर रखें।
- अगर घर में किसी को जुकाम है तो वह बच्चे से दूर रहे।
- साफ -सफ ाई का विशेष ध्यान रखें।
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