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नजर जांचने पहुंचे अफसरों की आंखों से ड्राइवरों ने साफ की ‘धूल’

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प्रदूषण जांच केंद्रों के फर्जीवाड़े की खोली पोल, कहा बिना धुआं जांच जारी हो रहे प्रमाणपत्र
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बरेली। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दूसरे दिन रोडवेज ड्राइवरों की आंखों की जांच कराने पहुंचे अफसरों के सामने ड्राइवरों ने परिवहन विभाग की पोल खोली तो अफसरों को जवाब देते नहीं बना। ड्राइवरों ने कहा कि यहां बिना जांच के जो प्रदूषण सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं, दिल्ली में उन पर चालान कर दिया जाता है। अफसरों ने नकारा तो ड्राइवरों ने सबूत के तौर पर प्रमाण पत्र दिखाने शुरू कर दिए। इसके बाद अफसर खामोश हो गए और औचक निरीक्षण कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रविवार को आरटीओ ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत सेटेलाइट स्थित रोडवेज वर्कशॉप में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के देर से पहुंचने के चलते परीक्षण दोपहर दो बजे शुरू हो सका। इस बीच अफसरों ने ड्राइवरों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं पूछीं। इस पर टाइम कीपर रविंद्र पाल सिंह ने कहा कि प्रदूषण केंद्र पर फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। केंद्र संचालक बगैर साइलेंसर लगाए ही प्रमाण पत्र जारी कर दे रहे हैं। यही आरोप बस चालक ठाकुर बीराज सिंह ने भी लगाया। कहा, पिछले दिनों वह एक प्रदूषण केंद्र पर बस का सर्टिफिकेट लेने पहुंचे थे, वहां संचालक ने बिना साइलेंसर जांचे ही प्रमाण पत्र दे दिया। उन्होंने संचालक से वजह पूछी तो उसने चेक करने की बात कहकर थोड़ी देर बाद प्रमाण पत्र दे दिया। इसी तरह मोहन पाल, सलीम हसन, हरीश कुमार, अमित, राहुल व अन्य ने भी आरोप लगाए। मामले पर अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन ड्राइवर अपनी बात पर जमे रहे। आखिर में अफसरों ने प्रदूषण केंद्रों का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। एक ड्राइवर का आरोप था कि पिछले दिनों पीयूसी से जारी प्रमाण पत्र को दिल्ली में फर्जी बताकर बस का चालान भी कर दिया गया।
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40 फीसदी ड्राइवरों की आंखें कमजोर
दोपहर दो बजे जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सक टीम के साथ पहुंचे। फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेयी ने ब्लड प्रेशर, वजन आदि चेक किया, जिसमें सभी सेहतमंद मिले। मगर आंख की जांच में करीब 40 फीसदी ड्राइवर फेल हो गए। इसमें ज्यादातर दूर दृष्टि दोष से पीड़ित मिले। अफसरों ने उनके नाम नोट कर सभी को चश्मा देने का आश्वासन दिया है।
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नियम तोड़ने वालों को भेंट किए गुलाब
सेटेलाइट बस स्टैंड के सामने पीलीभीत बाईपास रोड पर आरटीओ प्रवर्तन जेपी तिवारी, एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह, आरआई राजेंद्र सिंह और पुलिसकर्मियों ने यातायात नियमों को तोड़ने वालों को गुलाब के फूल भेंट किए। साथ ही वाहन चालकों को नियम तोड़ने पर शर्मिंदा किया। हेलमेट, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय फोन पर बात न करने के प्रति सजग किया।
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