बरेली। मरीज रेफर होने के एक सप्ताह बाद तक आशा वर्कर का प्रेरक कार्ड नहीं बना। इस पर उसने शुक्रवार को महिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद उसका प्रेरक कार्ड बनाया गया। क्यारा ब्लॉक की एक आशा वर्कर पांच दिनों से प्रेरक कार्ड बनवाने के लिए महिला अस्पताल पहुंच रही थी, लेकिन स्टॉफ उसे लगातार टहला रहा था। शुक्रवार को आशा वर्कर ने सीएमएस डॉ. अलका शर्मा के कार्यालय में पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस ने उसे किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया। कहा, आज ही उसका कार्ड बनवा दिया जाएगा। वह शनिवार को आकर ले ले। आशा वर्कर ने बताया कि मरीज को अस्पताल में लाने के बाद एक प्रेरक कार्ड तैयार दिया जाता है। इस पर संबंधित मरीज की जानकारी और आशा का नाम लिखा होता है।