बच्ची की हालत गंभीर होने पर बाहर से मंगाकर लगाई वैक्सीन
बरेली। भुता के गांव लारपुर निवासी डिप्थीरिया से पीड़ित पांच वर्षीय भूरी की मंगलवार की रात तबीयत बिगड़ गयी। परिवार वालों ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन जब एंटी वैक्सीन देने की नौबत आई तो पता चला कि अस्पताल में डिप्थीरिया की एंटी वैक्सीन है ही नहीं। ऐसे में बाहर से एंटी वैक्सीन मंगाकर उसका इलाज किया गया।
जिला अस्पताल में दवाइयों का टोटा तो चल ही रहा है। अब डिप्थीरिया की एंटी वैक्सीन भी खत्म हो गयी है। एंटी रैबीज इंजेक्शन पहले से ही नहीं है। ऐसे में मरीजाें को दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि मंगलवार की रात करीब तीन बजे आईसोलेशन वार्ड में एक बच्ची को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वह डिप्थीरिया से पीड़ित थी। जब डिप्थीरिया की एंटी वैक्सीन लगाने का नंबर आया तो अस्पताल में वैक्सीन ही नहीं मिली। आनन-फानन में देर रात ही एक अन्य सरकारी औषधि भंडार से एंटी वैक्सीन की मांग की गयी। इसके लिए पर्चा बनवाकर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर होने और वैक्सीन आने में करीब दो घंटे का समय लग गया। तब जाकर बच्ची का इलाज शुरू हुआ। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि डिप्थीरिया एंटी वैक्सीन खत्म होने की जानकारी उन्हें नहीं है। ऐसा है तो वह पता कराएंगे और एंटी वैक्सीन मंगाई जाएगी।
ठंड में भी मलेरिया का प्रकोप
बरेली। ठंड में भी मलेरिया का प्रकोप नहीं थम रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल में मलेरिया के रोगी को भर्ती कर उसका उपचार शुरू किया गया। गांव कोदरिया निवासी काजल पत्नी विकास को तेज सर्दी लगने के साथ ही बुखार आया। प्राइवेट क्लीनिक में इलाज कराया लेकिन फायदा न मिलने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई है। डॉ. आशू अग्रवाल ने बताया कि इलाज किया जा रहा है। सर्दियों में मलेरिया के मरीज नहीं आते हैं। करीब एक माह बाद मलेरिया का मरीज आया है।