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मलेरिया में लगने वाले इंजेक्शन का सैंपल हुआ फे ल, उससे पहले सात मरीजों को लगा

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बरेली। जिले के सरकारी अस्पतालों में मलेरिया रोग में लगने वाले इंजेक्शन का सैंपल फेल हो गया है। जिले में एक हजार इंजेक्शन आए थे और चिंता की बात यह है कि सैंपल फेल होने से पहले सात सौ मरीजाें को यह इंजेक्शन लगाया जा चुका था। पता चलने पर विभाग ने तीन सौ इंजेक्शन वापस कर दिए। हांलाकि विभाग का दावा है कि जिन सात सौ मरीजों को यह इंजेक्शन लगाए गए उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई है। विभाग की ओर से उनसे संपर्क कर जांच भी की गई थी। इसके बाद मलेरिया के रोगियों को इंजेक्शन की जगह एक टेबलेट दी गई और मलेरिया कंट्रोल में रहा।
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कॉरपोरेशन से भेजे जाने वाले मलेरिया रोग का इंजेक्शन आर्टिमीसनिन सुनेट की एक हजार इंजेक्शन की सप्लाई जिले में अप्रैल माह में की गई। करीब सात सौ इंजेक्शन मलेरिया रोगियों को लगा भी दी गईं। इस दौरान अक्तूबर माह में सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर इंजेक्शन के सैंपल लेकर जांच कराई। जांच में सैंपल फेल पाया गया।
सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि जांच में सैंपल फेल होने पर उन्हें वापस कॉरपोरेशन भेज दिया गया। जिन मरीजों को इंजेक्शन लगाए गए उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई। न बाद में कोई दिक्कत सामने आई। बताया कि विभाग की ओर से ऐसे कुछ मरीजों से संपर्क भी किया गया था।
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वापस किए गए 10 हजार इंजेक्शन
स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से ही संबंधित 20 हजार इंजेक्शन की खेप पहुंची। इनका सैंपल फेल होने से इनमे से दस हजार इंजेक्शन वापस भेज दिए गए। वहीं अभी दस हजार इंजेक्शन विभाग के पास स्टोर हैं इन्हे भी वापस भेजा जाएगा।

प्रदेश के करीब 25 जिले में फेल हुए सैंपल
कॉरपोरेशन की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में दवाइयां भेजी जाती है। विभाग सूत्रों के अनुसार लखनऊ, गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर समेत करीब 25 जनपदों में भी मलेरिया के इस इंजेक्शन का सैंपल फेल हुआ है। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कहीं कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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