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सात दिन इलाज के बाद नहीं सुधरी तबीयत, हंगामा

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बरेली। पोषण पुर्नवास केंद्र (एनआरसी) वार्ड में भर्ती बच्चे में सात दिनों बाद तक कोई सुधार न होने पर शनिवार को परिवार वालों ने हंगामा किया। लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा तो उसे हायर सेंटर रेफर क्यों नहीं किया जा रहा। बाद में पहुंचे एक एनजीओ संचालक ने वीडियो बनाकर मामले में सीएम से शिकायत की बात कही। इसे लेकर परिवार वालों और डॉक्टरों में नोकझोंक भी हुई।
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पुराना शहर सैलानी के मोहसिन खान ने नौ माह के बच्चे को डायरिया व बुखार होने पर बच्चा वार्ड में भर्ती कराया। यहां वजन करने पर बच्चा कुपोषित निकला तो उसे एनआरसी वार्ड में 15 नवंबर को भर्ती कराया गया। यहां डॉ. दिव्य अग्रवाल बच्चे का केस देख रहे थे। शनिवार को परिवार वालों ने बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार न होने की बात को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिवार वालों का आरोप था कि उनके बच्चे का सही तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है। उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा है। जब बच्चा लाया गया था तो उसका वजन पांच किलो 90 ग्राम था लेकिन सात दिन भर्ती रहने के बाद भी उसके वजन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और न ही उसकी तबीयत में कोई सुधार हो रहा है। इसी दौरान एक एनजीओ संचालक भी मौके पर पहुंच गए और वीडियो बनाकर कहने लगे कि एनआरसी में व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। यहां बच्चों को सही से इलाज नहीं दिया जा रहा है। वह इसकी शिकायत सीएम से करेंगे। इसके बाद परिवार वाले बच्चे को लेकर चले गए। इस दौरान डॉक्टर और परिवार वालों में नोकझोंक भी हुई।

कुपोषित बच्चे को भर्ती करने मां को एक घंटे तक दौड़ाया
बरेली। कुपोषित बच्चे को लेकर एक मां शुक्रवार को एनआरसी वार्ड पहुंची। यहां डॉक्टर ने यह कहकर टरका दिया यहां बच्चे भर्ती नहीं किए जाते हैं। वह बच्चे को लेकर जिला अस्पताल में करीब एक घंटे तक चक्कर काटती रही। इसके बाद उसने सीएमएस से शिकायत की तो बच्चे को भर्ती किया गया।
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दुनका से आई महिला आठ माह के कुपोषित मोहम्मद हुसैन को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां उसे बताया गया कि वह बच्चे को एनआरसी वार्ड में भर्ती कराए। जब वह बच्चे को लेकर एनआरसी वार्ड पहुंची तो उसके बच्चे को भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद वह बच्चा वार्ड पहुंची तो वहां बताया गया कि कुपोषित बच्चे को एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया जाता है। वह इमरजेंसी और ओपीडी तक गई। इसके बाद उसने सीएमएस टीएस आर्या से शिकायत की तो बच्चे को एनआरसी वार्ड में भर्ती किया गया। बताया कि बच्चे को उल्टियां आ रही थीं।
सीएमएस टीएस आर्या ने कहा कि बच्चे को भर्ती करने से मना नहीं किया गया था। महिला को एनआरसी वार्ड के बारे में पता नहीं था। उन्हें जानकारी हुई तो बच्चे को एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया।
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