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प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर में आशाओं की पार्टी

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बरेली। आशा बहुएं सरकारी सिस्टम को पलीता लगाकर प्राइवेट अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटरों को लाभ पहुंचा रही हैं। निजी अस्पताल भी इन्हें प्रोत्साहित करते रहते हैं। शुक्रवार को शहर के एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर ने आशा बहुओं की मीटिंग बुलाकर उनकी पार्टी की। इस पार्टी में आशाओं को मरीजों को सेंटर लाने के बदले कमीशन का भी लालच दिया गया। सूचना पर एसीएमओ टीम लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंचे, लेकिन सूचना लीक होने के चलते आशाएं वहां से निकल गईं। हालांकि, छापे के बाद आशा बहुएं फिर सेंटर पर पहुंच गईं। हालांकि अल्ट्रासाउंड सेंटर के प्रबंधन का कहना है कि ये तो एक डॉक्टर की शादी की सालगिरह की पार्टी थी।
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शहर के निजी अस्पतालों में आशा बहुएं मरीजों को पहुंचाती हैं। यहां से उनको मोटा कमीशन मिलता है। सरकार भी आशाओं को मानदेय सरकार दे रही है, लेकिन मोटे कमीशन के चलते ये निजी अस्पतालों के लिए काम कर रही हैं। शुक्रवार को शहर के हार्टमन तिराहा स्थित एक प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर में सुबह करीब 10 बजे आशा बहुओं की मीटिंग बुलाई गई। इसमें भोजीपुरा ब्लाक, शाही, चिटौली, नवीपुर, अगरास, ब्लाक खजुरिया, फतेहगंज ब्लाक के अलावा करीब 40 आशा बहू शामिल रहीं।
वहां अस्पताल प्रबंधन ने आशाओं को मरीज को लाने और उनके गिफ्ट और प्रोत्साहन के संबंध में चर्चा की। करीब एक घंटे के बाद भोजन कराया गया। इसके बाद फिर एक बार मीटिंग शुरू हुई और आशा बहू से गर्भवती महिलाओं के डाटा नोट किया गया। इसी दौरान किसी ने सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल को बैठक होने की जानकारी दे दी। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. आरएन गिरी को जांच के लिए भेजा। एसीएमओ जब तक जांच करने पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही सेंटर में सूचना पहुंच गई। तत्काल आशाओं को वहां से निकाल दिया गया। एसीएमओ को छापे के दौरान सेंटर पर कोई मीटिंग नहीं मिली।
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पुल के नीचे बैठी रहीं आशा बहुएं
एसीएमओ के पहुंचने से पहले ही आशा बहुआें को वहां से निकाल दिया गया। इसके बाद करीब दो घंटे तक आशा बहुएं हार्टमन तिराहे पर, ओवर ब्रिज के नीचे चाय, चाट के ठेलो और आस-पास दुकानों पर बैठी रहीं। कुछ आशा बहुएं रामलीला मैदान रोड पर बैठी रहीं। एसीएमओ के जाने के बाद महिलाएं एक-एक कर फिर अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंच गईं। यहां अस्पताल स्टॉफ से कुछ आशाएं भिड़ भी गईं कि उनके यहां होने की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को कैसे लग गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें समझा बुझाकर वापस कर दिया।
ये तो शादी की सालगिरह की पार्टी थी
एसीएमओ डॉ. आरएन गिरी ने बताया कि उन्हें सीएमओ से आशा बहुओं की मीटिंग होने की जानकारी मिली थी। वह वहां पहुंचे तो उन्हें अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रबंधन की ओर से बताया गया कि उनके एक डॉक्टर की शादी की सालगिरह थी। इस पर एक पार्टी का आयोजन सेंटर के अंदर किया गया था। मौके पर उसे जोड़े से भी मिलवाया गया जिसकी सालगिरह थी। अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रबंधन ने कहा कि सेंटर पर शादी की सालगिरह की पार्टी रखी गई थी। इसी में कुछ लोगों को शामिल किया गया। किसी ने आशा बहू की मीटिंग होने की जानकारी प्रशासन को गलत दे दी।
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