बरेली। शहर के बरेली रोड किच्छा स्थित एक निजी पैथोलॉजी लैब में एक गजब मामला सामने आया। बुखार होने पर ब्लड की जांच कराने पहुंची महिला मरीज की प्लेटलेट्स निल यानी जीरो बता दीं। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दे डाली। इससे महिला के परिजन घबरा गए, लेकिन निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बजाए वे महिला को जिला अस्पताल ले गए। यहां जांच में उसे सिर्फ वायरल बुखार निकला और उसकी प्लेटलेट्स डेढ़ लाख से भी ज्यादा निकली।
शहर के थाना इज्जतनगर के परतापुर चौधरी निवासी 28 वर्षीय आमना पत्नी मुजीब हुसैन को करीब एक सप्ताह बुखार आया। वह कस्बे के की एक निजी डॉक्टर से इलाज ले रही थी। डॉक्टर ने ब्लड जांच की सलाह दी। इस पर महिला ने बरेली रोड किच्छा स्थित एक निजी पैथोलॉजी लैब में 21 नवंबर को ब्लड टेस्ट कराया। यहां पैथोलॉजी ने डेंगू की पुष्टि करते हुए प्लेटलेट्स जीरो बता दी। उसे तत्काल भर्ती होने की सलाह दी। इससे महिला के परिजन घबरा गए। महिला के भाई ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। ब्लड जांच कराई तो उसे सिर्फ वायरल बुखार निकला और उसकी प्लेटलेट्स डेढ़ लाख निकली। उन्होंने कहा कि निजी पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट बेहद हास्यापद है। इस तरीके की रिपोर्ट से यह लोग मरीजों को डराकर सिर्फ पैसे ऐंठते हैं। महिला अस्पताल में भर्ती है, बुखार का इलाज चल रहा है।
निल होना तो असंभव
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्लेटलेट्स निल होना तो असंभव है। कोई भी प्रशिक्षित लैब टेकभनीशियन इस तरह की रिपोर्ट नहीं दे सकता है। निल का मतलब तो जीरो हुआ, इसका मतलब उसे जांच में प्लेटलेट्स दिखी ही नहीं।
खूब का खौफ फैलाकर, ठगे जा रहे मरीज
जिले के विभिन्न स्थानों पर चल रही लैब लोगों की आंखों में धूल झोंक रही हैं। लैब संचालक झोलाछाप से सांठगांठ कर मोटा पैसा कमाते हैं। इसमें डाक्टर का 50 प्रतिशत तक कमीशन तय होता है। कमाई के चक्कर में मरीज की जिंदगी दांव पर लगाकर ये लैब संचालक गलत रिपोर्ट देने से भी गुरेज नहीं करते हैं। दरअसल, मरीज को मलेरिया, टायफ ाइड, डेंगू व वायरल समेत विभिन्न ठीक होने वाली बीमारियों को पॉजिटिव बता देते हैं। डाक्टरों से दवा लेकर कुछ दिन बाद फि र से टेस्ट कराने पर सेटिंग करने के बाद बीमारी दूर होने की रिपोर्ट दे देते हैं।
मुझे पैथोलॉजी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर महिला के परिजन शिकायत करेंगे तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ