बरेली। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर से गांवों तक डेंगू कहर बरपा रहा है। आए दिन डेंगू से मौतों होने से लोगों में दहशत है। मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। रविवार को भी दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 180 हो गई है।
सर्दी शुरू होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उम्मीद थी कि डेंगू का प्रकोप थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मरीजाें की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को शहर के सुभाषनगर और कटघर के दो मरीज भर्ती किए गए। मौसम में फेरबदल के बाद भी डेंगू और बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। ऐसे में डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉक्टरों ने ठीक बताकर घर भेज दिया, सप्ताह भर बाद फिर डेंगू की पुष्टि
बरेली। जिन्हें एक बार डेंगू हो चुका है, उन्हें अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि दोबारा डेंगू हाने पर इसका वायरस पहले से अधिक खतरनाक होगा और यह जानलेवा भी हो सकता है। रविवार को शहर के सुभाषनगर के एक ऐसे ही मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डेंगू वार्ड में इसी सप्ताह शहर के मोहल्ला सुभाषनगर का एक डेंगू पीड़ित भर्ती हुआ था। शुक्रवार को डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह ठीक बताकर घर भेज दिया। रविवार को फिर बुखार आने पर जांच की गई तो फिर से उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। अब उसे दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि यह रोग डेंगू वायरस से होता है। जब रोगी डेंगू बुखार से ठीक हो जाता है तब मरीज को संबंधित डेंगू वायरस से लंबे समय के लिए प्रतिरोधक क्षमता मिल जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि उसे दोबारा कभी डेंगू नहीं होगा। हर किसी को जीवन में चार बार डेंगू हो सकता है। कई बार डेंगू लंबे अंतराल के बाद भी हो सकता है।
ये बरतें सावधानी
- एक बार डेंगू होने के बाद शरीर काफ ी कमजोर हो जाता है, ऐसे में डाइट का विशेष ध्यान रखें।
- समय-समय पर चेक अप कराते रहें।
- मच्छर से बचने को फुल आस्तीन के कपड़े और मच्छर दानी का प्रयोग करें।
- डेंगू का इलाज इससे जुड़े लक्षणों को कम करके ही किया जाता है। ऐसे में लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टरी परामर्श लें।
- किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें।