फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तबीयत बिगड़ने पर देखने को कहा तो बीमार बच्चे को अस्पताल से भगाया, मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बेपटरी स्वास्थ्य सेवाएं शासन की सख्ती के बावजूद सुधर नहीं पा रही हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती एक बच्चे का डॉक्टर ने इलाज करने से मना करते हुए उसे आधी रात में भगा दिया। पिता का आरोप है कि दूसरे दिन बच्चे की मौत हो गई। हालांकि उसने इस बाबत कोई शिकायत नहीं की है। फरीदपुर क्षेत्र के गांव ताराखास निवासी शीलदत्त ने अपने चार वर्षीय बेटे कौशलेंद्र को इलाज के लिए शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शीलदत्त का कहना है कि उसे दौरे पड़ रहे थे और तेज बुखार था। शीलदत्त का आरोप है कि डॉक्टरों ने कौशलेंद्र को भर्ती तो कर लिया लेकिन इलाज में लापरवाही बरतते रहे। बेटे की हालत बिगड़ते देख शीलदत्त ने रात में करीब 12 बजे डॉक्टर से उसे देखने का अनुरोध किया तो डॉक्टर भड़क गए और रात में ही उसे बीमार बेटे के साथ अस्पताल से भगा दिया। दूसरे दिन बच्चे की मौत हो गई।
विज्ञापन



ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। परिजन मुझसे लिखित शिकायत करेंगे तो मैं मामले में जांच कराऊंगा। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ।

अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज को भगाया नहीं जाता है। जब तक संभव होता है, इलाज किया जाता है। तबीयत अधिक बिगड़ने पर परिजन को बता दिया जाता है। भगाने का आरोप गलत है। - डॉ. टीएस, आर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें