बरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में वृद्धा की ऑक्सीजन न मिलने से मौत के मामले में सीएमएस ने स्टाफ को क्लीन चिट दे दी है। उनका कहना है कि वृद्धा की मौत ऑक्सीजन न मिलने की वजह से नहीं बल्कि बीमारियों की वजह से हुई थी। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
धौराटांडा के विवियापुर गांव की रहने वाली 64 वर्षीय नारायनी देवी को गुरुवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। रविवार रात से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उन्हें खून की उल्टियां होने लगीं। परिवार वालों का आरोप था कि उन्हें जब सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी तब उनकी तीमारदार विद्या ने अस्पताल स्टाफ से ऑक्सीजन लगाने के लिए कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। कुछ देर बाद ही नारायनी देवी ने दम तोड़ दिया। इसे लेकर परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा किया। सीएमएस डॉ. टीएस आर्या ने बताया कि उन्हाेंने मंगलवार को इमरजेंसी में जाकर मामले की जांच की। इसमें स्टाफ की कोई गलती सामने नहीं आई। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। नारायनी देवी को किडनी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां थीं। इनकी वजह से ही उनकी मौत हुई। उधर, परिवार की ओर से दूसरे दिन भी इस मामले में लिखित शिकायत नहीं की गई।