बरेली। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम परिषदीय स्कूलों, मदरसों, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की 4डी स्क्रीनिंग कर रही है। इसमें अब टीबी और कुष्ठ रोगियों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। टीम 18 साल तक के बच्चों की ही स्क्रीनिंग करती है। जांच के लिए 30 टीमें लगाई गई हैं, जो अब तक स्कूलों में 135626 और आंगनबाड़ी केंद्रों पर 130308 बच्चों का परीक्षण कर चुकी हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉॅ. सुधीर गर्ग ने बताया कि अगर किसी बच्चे में क्षय रोग की पुष्टि होती है तो उसके माता-पिता से भी जानकारी कर उसकी हिस्ट्री पता करने की कोशिश की जाएगी। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉॅ. सुदेश कुमारी ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। अपर शोध अधिकारी प्रेमशंकर आनंद ने बताया कि बच्चों में चार तरीके की परेशानियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।