बरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के शौचालय की सीट में बुधवार सुबह नवजात बच्चे का शव फंसा मिला। उसे पाइप के सहारे गटर में बहाने की कोशिश की गई थी। अंदर सिर फंसने पर ऊपर से कपड़ा डालकर ढक दिया गया था। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम में बच्चे की गर्भ में ही मौत होने की पुष्टि हुई है।
यह घिनौनी हरकत किसने की, इसकी जांच कराई जा रही है। हाल के कुछ मामलों को लेकर अस्पताल में तरह-तरह की चर्चा है पर दोनों ही अस्पतालों के सीएमएस अपने यहां से मतलब न होने का दावा कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
बुधवार सुबह सात बजे एक मरीज के तीमारदार लोकेश बाबू इमरजेंसी वार्ड के शौचालय में गए तो सीट में सफेद कपड़े के नीचे कुछ ढका दिखाई दिया। कपड़ा हटाने पर वहां नवजात पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल स्टाफ को बताया। स्वीपर तेजपाल ने आकर देखा तो नवजात का सिर सीट में अंदर तक फंसा हुआ था। हाथ फंसने पर उसे छोड़ दिया गया था। तेजपाल ने उसे बाहर निकाला। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सीएमएस और पुलिस को सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे की मौत गर्भ में ही हो चुकी थी। 24 घंटे के अंदर डिलीवरी होने की पुष्टि हुई। बच्चा प्रीमैच्योर यानी करीब आठ माह का था। पुलिस को अस्पताल प्रशासन की तहरीर का इंतजार है। उसी आधार पर रिपोर्ट लिखाई जाएगी। पुलिस आरोपी की पहचान कर तलाश करेगी।