बरेली। आयुष्मान योजना के कार्ड होने के बावजूद तीन निजी अस्पतालों ने मरीजों से इलाज की फीस वसूल ली थी। एडीएम प्रशासन ने तीनों ही अस्पतालों को मरीजों को रकम लौटाने के निर्देश दिए थे। अस्पताल रकम वापस करने में कोई देरी या गड़बड़ी न करें, इसलिए अधिकारी खुद अपनी निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी कराएंगे। बताते हैं कि सोमवार को संबंधित अस्पतालों को नोटिस देने के बाद उन्हें निश्चित समय में रकम वापस करने के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने दीवान खाने के रहने वाले मतलू ने यह मामला उठाया था कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद तीन अस्पतालों ने उनका इलाज नहीं किया। इसके बाद एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने शुक्रवार को संबंधित अस्पतालों के चिकित्सकों को बुलाकर तीनों मामलों की जांच की थी। इसमें यह प्रकरण सही मिले थे कि बड़ा बाजार के विशंभर दयाल के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद साईं अस्पताल ने उनसे इलाज के नाम पर करीब 24 हजार का बिल थमा दिया गया था। इसी तरह बदायूं की मंजू देवी पत्नी विनोद कुमार ने दीपमाला अस्पताल में करीब तीन माह पहले पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराया था। आयुष्मान कार्ड दिखाने के बावजूद करीब 20 हजार रुपये की फीस वसूली गई। सुंदरलाल की शिकायत थी कि उन्होंने भास्कर अस्पताल में आंत का ऑपरेशन कराया था। आयुष्मान कार्ड दिखाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई और उनसे करीब 83 हजार रुपये ले लिए गए। एडीएम ने संबंधित अस्पताल प्रबंधन को इन तीनों ही मामलों में इलाज की रकम तुरंत लौटाने के निर्देश दिए थे। इन मामलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। इन तीनों ही अस्पतालों को सोमवार को नोटिस भेजने की जानकारी अधिकारियों ने दी है। अस्पताल प्रबंधन टालमटोल न करें, इसलिए अधिकारी अपनी निगरानी में अस्पतालों से शुल्क वापस कराएंगे।