बरेली। आयुष्मान कार्ड के जरिये इलाज की उम्मीद में बीमार बुजुर्ग मतलूब ने अपनी जान गंवा दी। तीन निजी अस्पतालों और एक मेडिकल कॉलेज ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। बृहस्पतिवार को परिजन इसकी शिकायत लेकर प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के पास पहुंचे। पहले तो पुलिस और अन्य कर्मचारी उन्हें टहलाते रहे लेकिन कि सी तरह पीड़ित परिवार मंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने सीएमओ को जांच के निर्देश जारी कर दिए।
प्रेमनगर क्षेत्र के दीवानखाना निवासी मतलूब हुसैन को आयुष्मान कार्ड देखकर किसी भी निजी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया गया। घर लौटने के बाद उनकी मौत हो गई थी। देर रात सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल से भी शिकायत करने पर कोई नतीजा नहीं निकला। पीड़ित परिवार बृहस्पतिवार सुबह समाज सेविका इमाल्दा परवीन के साथ सर्किट हाउस पहुंचा। यहां पुलिस ने उन्हें हड़काकर बाहर कर दिया लेकिन परिजन वहीं जमे रहे। प्रभारी मंत्री श्रीकांत के मीटिंग हॉल से बाहर आते ही भीड़ में घुसकर मृतक मतलूब की बेटी नाजिया ने उनसे शिकायत की। सीएमओ को बुलाकर जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।