सिरौली/रामनगर। रामनगर ब्लॉक के कई गांवों में झोलाछाप के इलाज से आधा दर्जन मौतों के बाद आखिर स्वास्थ्य विभाग की नींद मंगलवार को टूट गई। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला के निर्देश पर झोलाछाप नियंत्रण सेल ने कई गांवों में छापामारी कर 21 झोलाछाप को पकड़ा। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को आंवला कोतवाली में तहरीर दी गई है।
जिले में इन दिनों बुखार का प्रकोप चल रहा है। संक्रामक बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। गांव-देहात में लोग झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। रामनगर ब्लॉक में झोलाछाप के इलाज से अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जाने जा चुकी हैं। कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर भी दी गईं। बाद में पुलिस ने दबाव बनाकर समझौते करा दिए। मंगलवार को एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा के नेतृत्व में टीम ने मऊ चंदपुर, रेवती, तुलकपुर, हरदासपुर, बरसेर, ब्योधनखुर्द आदि गांवों में झोलाछाप के क्लीनिकों पर छापामारी की। 21 क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन और वैध प्रमाणपत्रों के चलते मिले। कई झोलाछाप क्लीनिक बंद करके भाग निकले। इस दौरान आधा दर्जन क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा की ओर से सभी 21 झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को आंवला थाने में तहरीर दी गई है।
इन अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई
बंगाली हरदासपुर, असमत, कृष्णपाल, खान बरसेर, एनपी शाक्य नवापुर, बंगाली, मौर्य, अयोध्या, तीरथ रेवती, परवीन बराधानपुर, यासीन मनौना, मुशाहिद तिलवारी, श्रीराम फुंदन नगर, बंगाली केसरपुर, एमके मथन महमूदपुर , राजवीर ब्योधन बुजुर्ग, शहनवाज रम्पुरा भोपतपुर, धर्मवीर धन्नावाली गौटिया, निर्मल दास सुकटिया, कमलेश मऊ चंदनपुर, शमीम अटाफंदापुर