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प्रसूता की मौत के बाद डॉक्टर को सड़क पर खींचकर पीटा

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सिरौली/रामनगर। रामनगर के गांव हरदासपुर में हाल ही में खोले गए एक नर्सिंग होम में प्रसूूता की मौत के बाद भड़के परिवार वालों ने गांव के लोगों के साथ डॉक्टर को सड़क पर खींच लिया और जमकर पिटाई की। लोगों में इस कदर गुस्सा था कि पुलिस ने जैसे-तैसे डॉक्टर को छुड़ाकर अपनी जीप में बैठाया तो उन्होंने उसे पुलिस की गाड़ी से भी खींच लिया और फिर जमकर धुना। एसडीएम और सीओ के साथ कई थानों का फोर्स पहुंचने के बाद डॉक्टर की जान बची। हालांकि बाद में थाने में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके बाद डॉक्टर को पुलिस ने रिहा कर दिया।
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गांव हरिदासपुर में नईम बेग की 30 वर्षीय पत्नी गुलशन ने चार सितंबर को घर पर बच्ची को जन्म दिया था। शुक्रवार को गुलशन की हालत बिगड़ी तो नईम उसे गांव के ही लीलावती जनरल हॉस्पिटल ले गए। नईम के मुताबिक अस्पताल में डॉ. मनोज ने एक स्थानीय लैब पर खून की जांच कराई तो रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का लेवल 3.9 बताया गया। डॉ. ने गुलशन को खून चढ़ाने के साथ उनके इलाज के लिए 36 हजार रुपये जमा करने को कहा। नईम के मुताबिक उन्होंने 25 हजार रुपये जमाकर शुक्रवार को गुलशन को भर्ती करा दिया। शनिवार सुबह 11 बजे खून चढ़ाने के दौरान गुलशन की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। इस पर नईम के परिवार के साथ गांव के सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।
भीड़ ने डॉ. मनोज को बंधक बनाकर आरोप लगाया कि गलत ग्रुप का खून चढ़ाने से गुलशन की मौत हुई है। कुछ देर बाद उन्होंने डॉक्टर को सड़क पर लाकर पीटना शुरू कर दिया। बवाल की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर संजय गर्ग ने डॉक्टर को अपनी हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया लेकिन भीड़ ने उसे गाड़ी से भी खींच लिया और फिर पीटना शुरू कर दिया। महिलाओं ने पुलिस से भी धक्कामुक्की की। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने अफसरों को सूचना दी तो एसडीएम और सीओ के साथ अलीगंज, भमोरा व बिशारतगंज थानों का फोर्स भी बुला लिया गया। इसके बाद दोनो पक्षों को थाने ले जाकर बातचीत कराई गई। चार घंटे तक बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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प्रसूता की मौत के बाद डॉक्टर से मारपीट की गई थी। बाद में पीड़ित पक्ष ने डॉक्टर से समझौता कर लिया। किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। - रामप्रकाश, सीओ आंवला
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