बरेली। चेतावनी, कार्रवाई और स्वास्थ्य मंत्री की फटकार के बाद भी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं कम नहीं हो रही हैं। मंगलवार की देर शाम जिला अस्पताल में भर्ती आशंकित डेंगू पीड़ित की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है। मरीज को दवा देने, ड्रिप लगाने, ड्रिप बंद करने के लिए तीमारदार स्टाफ तलाशने को मजबूर हैं।
फरीदपुर के गुलाबनगर निवासी ऋषिपाल पिछले करीब माह भर से बुखार से पीड़ित था। लंबे समय तक निजी अस्पताल से इलाज कराने पर भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो सीएचसी में भर्ती कराया। यहां जांच में फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई तो मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में मरीज को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है, लेकिन अस्पताल प्रशासन डेंगू की पुष्टि नहीं कर रहा है। वार्ड में करीब दो दिनों से भर्ती मरीज के तीमारदारों का कहना है कि अगर डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है तो मरीज को डेंगू वार्ड में भर्ती क्यों किया गया। वहीं इस वार्ड में स्टाफ भी नहीं है। नर्स सेकंड फ्लोर पर बने ओटी में रहती हैं। ऐसे में मरीज को ड्रिप चढ़ाने, निकालने या अन्य समस्याएं होने पर ग्राउंड फ्लोर से नर्स को बुलाने के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। उन्होंने अस्पताल की इस व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए किसी दिन निगरानी न करने पर बड़ी दुर्घटना होने की संभावना जताई है।
बाहर में मंगाना पड़ रहा है खाना
जिला अस्पताल में शहर के बाहर से आए भर्ती मरीज और एक तीमारदार को भोजन दिए जाने के आदेश हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती आशंकित डेंगू मरीज और उसके तीमारदार को भोजन तक उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि भोजन के लिए स्टाफ से कहा गया, लेकिन अनसुना कर दिया गया। बता दें कि फिलहाल जिला अस्पताल में 12 फैल्सीपेरम मलेरिया के तो 17 सामान्य बुखार के मरीज भर्ती हैं।