बरेली। बदायूं रोड पर लावारिस मिले जच्चा-बच्चा को लेकर अमर उजाला में खबर छपने के बाद उसका असर दिखाई दिया। चौकी प्रभारी ने बच्चे की सुरक्षा का जायजा लिया और अब किसी अंजान के आने पर तत्काल सूचना देने को कहा। वहीं, गार्ड तैनात करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के पत्राचार में असमंजस बना हुआ है।
चार दिन पहले सुभाषनगर पुलिस ने महिला जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला ने कुछ लोगों पर उसका बच्चा छीनने का आरोप लगाया था। अस्पताल में भी दो लोग उसका बच्चा लेने की फिराक में पहुंचे थे। रविवार को अमर उजाला में छपी खबर के बाद अस्पताल चौकी प्रभारी चमन ने अस्पताल के संबंधित वार्ड में जाकर बच्चा और मां का हाल देखा। अस्पताल स्टाफ से कहा कि अब कोई बच्चा मांगने आए तो उसे पहले बैठा लें और फिर उन्हें सूचना दे दें।
सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि महिला की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कोतवाली पुलिस को गार्ड देने के लिए लेटर लिखा था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि शनिवार को भी लेटर कोतवाली भेजा तो वहां उसे लेने से ही मना कर दिया गया। सीएमएस ने अज्ञात बच्चा चोरों की छानबीन के लिए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे दिखवाने के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि महिला और बच्चे की हालत अभी नाजुक है। सीएमएस ने बताया कि महिला को एक यूनिट खून भी चढ़वाया जा चुका है। साथ ही बच्चा कम वजन का होने के कारण उसकी भी देखभाल की जा रही है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि अस्पताल में ही चौकी होने के कारण अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत नहीं है। फिर भी उन्हें सीएमएस का पत्र नहीं मिला है, अगर ऐसी मांग की गई है तो अधिकारियों से वार्ता कर सहूलियत दी जाएगी।
वहीं, घटनाक्रम के पांचवें दिन भी चाइल्ड लाइन ने सीडब्ल्यूसी के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. डीएन शर्मा को नेपाली महिला और बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि वह सोमवार को इसकी रिपोर्ट तलब करेंगे।