बरेली। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर अलर्ट हो गए हैं। रविवार को जिला अस्पताल के सीएमएस ने सभी वार्ड, इमरजेंसी, लैब समेत ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और खामी मिलने या मरीजों से दुर्व्यवहार की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। बता दें कि पिछले दिनों बच्ची की मौत के बाद मुस्कुराने वाले जिला अस्पताल के एडीएसआईसी सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता को सस्पेंड किया गया है। उनकी जगह डॉ. टीएस आर्या नए सीएमएस बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को जिला अस्पताल परिसर समेत वार्ड और अन्य यूनिटों में पसरी गंदगी पर नाराजगी जताते हुए सीएमएस डॉ. टीएस आर्या को जमकर फटकारा था। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल के सभी डॉक्टर, टेकभनीशियन, सफाईकर्मी, अटेंडेंट समेत अन्य स्टाफ को किसी तरह की खामी या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसका असर रहा कि रविवार को अवकाश के बाद भी जिला अस्पताल में सभी अलर्ट रहे और मरीजों का हाल जानने वार्ड के चक्कर लगाते रहे।
सीएमओ ने मातहतों को दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री की क्लास में पास होने के बाद सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने रविवार को अवकाश के बाद भी सीएचसी, पीएचसी के एमओआईसी को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने को कहा है। बता दें कि पिछले साल जिले में फैले फैल्सीपेरम मलेरिया को नियंत्रित कर और इस साल पीएफ पीड़ितों की संख्या में अप्रत्याशित कमी लाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के प्रयास को सराहा है।
13 साल के बच्चे समेत चार मेें मलेरिया की पुष्टि
डेंगू वार्ड में ताला जड़कर प्लाज्मोडियम वाइवैक्स (मलेरिया) से पीड़ित मरीजों को फीवर वार्ड में भर्ती करने पर स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल के सीएमएस पर नाराजगी जताई थी। ऐसे में रविवार को डेंगू वार्ड का ताला खोलकर बुखार पीड़ितों शिफ्ट किया गया। बता दें कि पूर्व में भेजे गए बुखार पीड़ितों के सैंपल जिला अस्पताल आए हैं। इसमें 13 साल के मोहित समेत पूर्व में भर्ती हुए चार बुखार पीड़ितों में वाइवैक्स की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के साथ ही, स्वास्थ्य विभाग में सभी मरीजों को तत्काल इलाज मुहैया कराना शुरू कर दिया है।