बरेली। पिछले साल दो सौ से ज्यादा लोगों की मौत की वजह बने प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम को रोकने में इस साल भी स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ। जिले में अब तक 13 हजार से ज्यादा प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के मरीज मिल चुके हैं और 160 में प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम की पुष्टि हुई है।
पिछले साल प्रदेश भर में मलेरिया के सर्वाधिक मरीज बरेली में मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सूबे में 76 हजार मलेरिया पीड़ित रिकॉर्ड हुए थे जिनमें अकेले बरेली से 34 हजार पीड़ित शामिल थे। 17 हजार लोग फैल्सीपेरम से ग्रसित थे जिनमें दो सौ से ज्यादा लोगों की जान भी चली गई थी। हालात बेहद खराब होने के बाद यहां पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने महिला सीएमएस को सस्पेंड करने के साथ दो और अफसरों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। लेकिन इस साल फिर जिले में पिछले साल जैसे ही हालात हैं।
बेअसर अभियान
बरेली में मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान तो चल रहा है लेकिन इसका असर नहीं दिख नहीं रहा। मंडल के पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले में तो मलेरिया का प्रकोप कम है लेकिन बरेली और बदायूं में इस साल भी मरीजों की तादाद काफी है। स्वास्थ्य विभाग की ही जनवरी से जुलाई तक की रिपोर्ट में बरेली में 13 हजार से अधिक मलेरिया के मरीज मिलने की पुष्टि की गई है। बदायूं में भी यह आंकड़ा पांच हजार के पार निकल रहा है।
इंफो
जिला प्लाज्मोडियम वाइवैक्स प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम
बरेली 13,079 160
बदायूं 5,322 22
पीलीभीत 494 2
शाहजहांपुर 38 5