मरीज के पैर से टपकता रहा खून, मुंह से निकल रही हाय
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। जिला अस्पताल में सेप्टिक वार्ड के बेड नंबर छह पर वह पड़ा दर्द से कराह रहा था। बेचैनी इतनी थी कि वह कभी बेड पर लेटता और कभी उठकर बैठ जाता था। उसके पैर से खून टपक रहा था। पैर में पट्टी की जगह पॉलिथीन बंधी थी। उसे तड़पता देख परिवार वाले बेचैन थे, लेकिन मुनीश की हालत पर अस्पताल कर्मियों को कोई तरस नहीं आया। मिन्नतें करने पर ड्यूटी पर मौजूद अस्पताल कर्मी तीमारदारों दुतकार कर भगा देते थे।
सुभाषनगर के शांति विहार मोहल्ला निवासी मुनीश शर्मा के दाहिने पैर में हल्की सी चोट लगी थी। पत्नी मीना देवी के मुताबिक बेटा का इलाज कराने के चक्कर में मुनीश ने अपने पैर को नहीं देखा, जिससे उनका पैर पक गया। ज्यादा तकलीफ होने मुनीश शर्मा को बृहस्पतिवार 18 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां उन्हें सेप्टिक वार्ड में रखा गया है। मीना देवी के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने के बाद मुनीश के पैर में केवल एक बार पट्टी की गई थी। परिजनों के मुताबिक तीन दिन से मुनीश के पैर में बेहद दर्द है। बूंद-बूंद करके खून टपक रहा है। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद अस्पताल कर्मियों से कई बार देखने को कहा था, लेकिन हर बाद दुतकार कर भगा दिया गया। कर्मचारी कहते हैं यहां पट्टी नहीं होगी अपने मरीज को कहीं भी ले जाओ। खून टपकने वाले पैर में पट्टी की जगह पॉलिथीन बंधवा दी। पत्नी मीना ने बताया कि शनिवार रात मुनीश के पैर में बहुत तकलीफ थी। वह दर्द से रातभर तड़पते रहे, लेकिन अस्पताल वाले नहीं पसीजे। उनके कई बार कहने के बावजूद रविवार सुबह भी मुनीश को नहीं देखा गया। वह जब दर्द की शिकायत करने जातीं नर्सें डांट लगाती थीं।
सेप्टिक वार्ड में मुनीश शर्मा जिस बेड पर थे उस पर पड़ा गद्दा फटा हुआ था, जिससे जूट साफ दिख रही थी। बेड के आसपास गंदगी फैली थी। मुनीश के पैर से निकला खून डस्टबिन में भरा था। गंदगी होने की वजह से मक्खियां भिनक रही थीं। गंदगी और बदबू की वजह से बेड के पास रुकना मुश्किल हो रहा था। उसी बेड के आसपास नहीं, बल्कि पूरे वार्ड में गंदगी और बदबू से बुरा हाल है।
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जानकारी की जाएगी। मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं होगी।
- एके आर्या, सीएमएस जिला अस्पताल