ऑपरेशन में आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से दो फीसदी रह गई है मौत की संभावना
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बरेली। ‘अत्याधुनिक उपकरण से ऑपरेशन के दौरान मौत की संभावना कम हुई है फिर भी ऑपरेशन से लोग घबराते हैं। शोध में उत्तर भारतीयों में ऑपरेशन का खौफ सर्वाधिक मिला है। आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के बजाय पुरातनपंथी सोच से लोगों को उबारने के लिए ही नेवस्कॉन में रीढ़ के अत्याधुनिक ऑपरेशन की तकनीक से रूबरू कराया गया। यह बातें मुंबई से आए वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुलकर्णी ने 5वें यूपीओए स्पेशल कोर्स ‘नेवस्कॉन-2019’ नेशनल व इंटरनेशनल कान्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से कहीं।
रविवार को बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के हड्डी रोग विभाग की ओर से रविवार को 5वां यूपीओए स्पेशल कोर्स ‘नेवस्कॉन-2019’ नेशनल व इंटरनेशनल कान्फ्रेंस आयोजित हुई, जिसमें देश, विदेश से दो सौ वरिष्ठ चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमिश्नर रणवीर प्रसाद कमिश्नर ने किया। इससे पहले डॉ. कुलकर्णी ने ओ-आर्म-थ्री-डी नेविगेशन माइक्रोस्कोपिक विधि से रीढ़ के ऑपरेशन की लाइव सर्जरी का प्रसारण किया, जो केशलता हॉस्पिटल से लाइव ट्रांसमिट हुई, जिसके बाद इलाज की तकनीकी पर चर्चा हुई। कांफ्रेंस में डॉ. वरुण अग्रवाल, संस्थान के चांसलर डॉ. केशव अग्रवाल, प्रो. चांसलर डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. विनोद पागरानी व अन्य मौजूद रहे।