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आंवला में दो दिन में 116 को फैल्सीपेरम की पुष्टि

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आंवला। पिछले साल फैल्सीफेरम से दर्जनों मौतें होने के बाद इस बार स्वास्थ्य विभाग ने बारिश शुरू होने से पहले से ही इस पर काबू पाने के लिए तमाम प्रयास करने के दावा किए थे, लेकिन यह दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए। पिछले दो दिनों में ही आंवला तहसील क्षेत्र में 116 मरीजों की जांच में फैल्सीफेरम मलेरिया की पुष्टि हुई, इसमें से 50 मरीज आंवला सीएचसी तो 66 मझगवां स्वास्थ्य केंद्र पर मिले हैं।
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दो दिन में आंवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच के बाद ब्लॉक मझगवां की ग्राम पंचायत आजमपुर, खनगांवा श्याम, निसोई, गैनी, अबादानपुर, नगरिया सतन, मौहब्बतगंज गौंटिया और ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद के आसपुर, करूआताल सहित अन्य गांवों के 50 मरीजों में फैल्सीफेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। वहीं मझगवां स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 66 मरीजों को पीएफ और 35 को पीवी की पुष्टि हुई। तीन दिन पूर्व ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद के सहासा में पांच, जमालपुर में एक, ब्लॉक रामनगर के व्यौधन खुर्द में एक रोगी की मौत हो चुकी है।
आंवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राजेंद्र ने बताया कि सबसे ज्यादा संख्या मझगवां और आलमपुर जाफराबाद क्षेत्र से आने वाले रोगियों की है। गंदगी की वजह से रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ओपीडी में 500 से अधिक रोगी देखे जा रहे हैं।
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मझगवां स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. वैभव ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए जिला मलेरिया अधिकारी की ओर से प्रत्येक गांव में दवा का छिड़काव करवाया जा रहा है। मलेरिया की जांच के लिए एएनएम की 23 टीमें बनाई गई हैं। वह अपने क्षेत्र में बुखार की पुष्टि होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोगियों को भेज रही हैं। मौजूद समय में 12 से 13 सौ रोगियों की ओपीडी है।
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