ओलंपिक में अगर बेटियां लाज न बचाती तो बुरा हाल सबके सामने था, बावजूद इसके खेल के प्रति उदासीनता पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही है। अब राइफल क्लब का मामला सामने आया है। यहां सिर्फ एक घंटे की ट्रेनिंग से निशानेबाज बनाने का ख्वाब देखा जा रहा है। शूटराें ने इस संबंध में जिलाधिकारी पंकज यादव से मिलकर अपनी समस्या बताई ।
उन्होंने कहा कि राइफल क्लब काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। यहां खिलाड़ियाें को कोई सुविधा नहीं मिलती। राइफल भी हमेशा बंद रहती है। ढाई लाख की विदेशी रायफल बंद पड़ी जंग खा रही है। जो शूटर अपनी राइफल से यहां टार्गेट सीखने आते हैं उनको भी मात्र एक घंटे का समय मिलता है। स्टॉफ भी उनकी प्रैक्टिस में सहयोग नहीं करता। बुधवार को समस्या लेकर पहुंचे खिलाड़ियाें ने जब समस्या डीएम के सामने रखी तो वह भी चौक गए। थोड़ी देर बाद रायफल क्लब के सचिव स्वागत करने क्लब के सचिव तुषार चंद्र पहुंचे तो डीएम बोले, क्लब की शिकायतें आ रहीं हैं। खिलाड़ियों को चार घंटे ट्रेनिंग क्यों नहीं कराई जा रही है। उसी समय सचिव ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वहां तैनात स्टाफ दिक्कत कर रहा है। इस तर्क को डीएम ने खारिज करते हुए कहा कि ऐसे स्टाफ को हटाकर नई तैनात करें लेकिन खिलाड़ियों को कम से कम चार घंटे प्रैक्टिस कराई जाए। डीएम से मिलने वाले खिलाड़ियों में आमिर खान, देवव्रत, मनोज सिंह, सार्थक, नजीश जैदी व अन्य शामिल रहे।