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कन्याओं की घटती संख्या पर कायस्थों ने चिंता जताई

Sat, 26 Dec 2015 01:35 AM IST
बरेली
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बरेली। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के 11 वें कायस्थ वैवाहिक परिचय सम्मेलन में विवाह योग्य लड़कों की संख्या 50 से ज्यादा दी, लड़कियां सिर्फ 34 ही रहीं, इसलिए जागरूक लोगों में चिंता लाजिमी हो गई। मुख्य अतिथि पटना से आए राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा ने चिंता को गंभीर संकट के रूप में लेने का आह्वान करते हुए कहा कि लड़कियां नहीं होंगी तो लड़कों के लिए बहू कहां से मिलेगी। बोले- कन्याओं को जन्म देने से लेकर उनका लड़कों से ज्यादा पालन पोषण करना चाहिए। उन्होंने कायस्थों को राजनीतिक चेतना के लिए भी जागरूक किया। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने भी कहा कि मानव जाति को आगे बढ़ाने के लिए समाज को कन्या भ्रूण हत्या के अभिशाप से उबरना होगा।
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सम्मेलन में लड़के-लड़कियों ने मंच पर बेझिझक अपना परिचय दिया। यह भी बताया कि उन्हें कैसा जीवन साथी चाहिए। महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सक्सेना ने बताया कि 22 रिश्ते सम्मेलन में तय हो गए। इस मौके पर 80 फीसदी से ज्यादा अंक पाने वाले स्वजातीय मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। स्मारिका के विमोचन के पश्चात वरिष्ठ रंगकर्मी जेसी पालीवाल, फ्यूचर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन मुकेश गुप्ता, महानिदेशक डॉ. मनीष शर्मा, रक्षपाल बहादुर ग्रुप के निदेशक नीरज सक्सेना, चिकित्सक डॉ. महेंद्र बासु और डॉ. सत्येंद्र सिंह को उनकी सामाजिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री बलदाऊ जी श्रीवास्तव, संरक्षक शशिभूषण, नागेंद्र श्रीवास्तव, कविता श्रीवास्तव, वीना सक्सेना, चित्रगुप्त आदि मंदिर के प्रधान सचिव सुदामा प्रसाद सिन्हा, साहित्यकार राकेश मंजुल, पंकज सक्सेना, रजनीश सक्सेना आदि ने भी विचार रखे।
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