बरेली। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद साईम मेहंदी नकवी ने कहा कि किसी भी कानून को लोगों पर थोप देना ज्यादती होगी। सरकार पहले समान नागरिक संहिता का प्रारूप जनता सामने लाए और धर्मगुरुओं के समक्ष रखे। तभी उसकी खामी या खूबी बताई जा सकती है। इस तरह का कानून हर धर्म के लिए नुकसानदेह होगा।
पीलीभीत बाईपास स्थित सैयद वजाहत हुसैन रिजवी के निवास पर शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मौलाना साईम मेहंदी ने कहा कि हर धर्म के अलग-अलग तौर-तरीके हैं। सरकार सभी धर्मों की आस्था और रीति-रिवाज को ध्यान में रखकर कानून बनाए। उन्होंने कहा कि शिया पर्सनल लॉ बोर्ड हर तबके के लिए काम कर रहा है। जल्द ही बोर्ड को और भी विस्तार दिया जाएगा। पिछले दिनों नई कार्यकारिणी बनाई गई है। इसमें बरेली से सैयद यूसुफ रजा रिजवी और कलीम हैदर नकवी को फिर से तीन साल के लिए कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया है।
मौलाना यहां अजादारी के सिलसिले में दो दिवसीय भ्रमण पर आए हुए हैं। उनके बरेली आगमन पर दोनों बोर्ड सदस्यों सहित बैतुस्सलात मस्जिद के इमाम मौलाना सैयद सैफ अली जैदी, वजाहत हुसैन रिजवी, अरमान हैदर, इरशाद अली जैदी आदि उपस्थित रहे।