शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रही राम लीला अपने चरम पर पहुंचने लगी है। इसे देखने के लिए सभी लीलाओं में भारी भीड़ जुट रही है।
श्री रामलीला परिषद की ओर से बनखंडी नाथ मंदिर प्रांगण में चल रही रामलीला लगातार जारी है। इसमें श्री हनुमान जी के लंका में प्रवेश करने और लंका दहन का मंचन किया गया। इसकी कहानी सीता जी की खोज से शुरू होकर कथानुसार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है और अंत में रावण हनुमान जी के पूंछ में आग लगवा दी। इस पर हनुमान जी ने लंका को अपनी पूछ की अग्नि से पूरी लंका राख कर देते हैं। इस प्रसंग की शानदार प्रस्तुति से वृंदावन से आए श्री बांके बिहारी रासलीला रामलीला मंडल के कलाकारों ने जनता का दिल जीत लिया। पूर्व में कार्यक्रम का शुभारंभ संयोजक गिरधारी लाल साहू और अध्यक्ष सुरेश राठौर ने किया।
पर्वतीय समाज की ओर से कैंट के उज्जवला मैदान पर आयोजित रामलीला के दूसरे रोज धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद, कैकई मंथरा संवाद का मंचन किया गया। जिसका देर रात तक दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। इससे पूर्व कर्नल एमसी पंत ने शुभारंभ किया। इस दौरान डा. वीके मिश्रा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। लीला को संपन्न कराने में गिरीश चंद्र पांडेय, मदन सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह बिष्ट, भुवन चंद्र पांडेय, माधवानंद तिवारी, तारा दत्त जोशी, जीत सिंह, मोहन सिंह बिष्ट, सुरेश चंद्र पंत आदि का सहयोग रहा।
उधर उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की ओर से राजेंद्र नगर में रामलीला महोत्सव के अंतर्गत लीला का मंचन तीसरे रोज भी जारी रहा। इसमें कैकई-मंथरा संवाद, दशरथ कैकेई संवाद, राम कैकई संवाद, राम-सीता संवाद, राम-लक्ष्मण संवाद, राम वन गमन से दशरथ मरण तक का मंचन किया गया। इस मौके पर मेयर डा. आईएस तोमर, विधायक डा. अरुण कुमार और सपा के जिला महासचिव प्रमोद सिंह बिष्ट भी पहुंचे। अतिथियों का स्वागत गिरीश चंद्र पांडेय, खड़क सिंह बिष्ट व पीएस जीना ने किया।
श्री रामलीला नाटक समाज की ओर से कैंट सदर में भी लंका दहन का मंचन प्रमुख रहा। इससे पहले राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सीता की खोज का शानदार मंचन किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष सतीश मेहता, सत्यवीर उपाध्याय, सुरेश तिवारी, सुमित कुमार, मंगल रावत, सुनील सिंह, विनोद यादव, विष्णु कुमार आदि का सहयोग रहा। इसी तरह बड़ा बाग और सुभाष नगर की राम लीला भी जारी रही।