आंधी व बारिश से बृहस्पतिवार शाम आधे शहर की बत्ती गुल हो गई। इससे पांच लाख लोग (एक लाख से अधिक उपभोक्ता) परेशान रहे। कहीं तारों के टहनियों से टकराने पर फॉल्ट हुए तो कहीं अन्य दिक्कतें आईं। आपूर्ति करीब दो घंटे तक बाधित रही। एक दिन पहले बुधवार की रात सीबीगंज उपकेंद्र से पोषित हार्टमन सिद्धार्थनगर क्षेत्र में 16 घंटे तक बिजली गुल रही। यहां की करीब पांच हजार आबादी परेशान रही।
शाम सात बजे तेज आंधी व हल्की बारिश में शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। 33 केवी और 11 केवी लाइनों में फॉल्ट की झड़ी लग गई। सिविल लाइंस प्रथम, द्वितीय, तृतीय, हरूनगला, पवन विहार, सीबीगंज, कैंट आदि क्षेत्रों में यही स्थित रही। विद्युतं निगम की तरफ से शहर के अधिकतर उपकेंद्रों को बारिश के कारण बंद कर दिया गया। जब बारिश बंद हुई तो करीब 7:45 बजे उपकेंद्रों को चालू किया गया। इसके बाद फॉल्ट को खोजकर धीरे-धीरे ठीक किया जाता रहा। रात नौ बजे तक कई इलाकों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
सिद्धार्थनगर के लोग पानी की समस्या से जूझते रहे
बुधवार शाम 5:15 बजे ट्रांसफार्मर में खराबी व खंभे में आग लगने के कारण हार्टमन सिद्धार्थनगर इलाके की लाइट चली गई। नागरिकों ने शिकायत की पर सुनवाई नहीं हो सकी। सुबह 9:15 बजे ट्रांसफार्मर ठीक किया गया। इसको लेकर बृहस्पतिवार को आक्रोशित लोगों ने रामपुर बाग स्थित कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की। इस मौके पर डाॅ. जितेंद्र प्रकाश, मनोज कुमार, राकेश दीक्षित, तपोव्रत डे, अंकित्य मिश्र, मोहित गुप्ता, शिवेंद्र सिंह चौहान आदि रहे।
वर्जन
अंधेरे में हर मिनट लंबा लगता है। जिन इलाकों में समस्या थी, बारी-बारी से उनकी मरम्मत कराई गई। सावधानी बरतते हुए उपकेंद्र को पहले ही बंद कर दिया गया था। - ज्ञान प्रकाश, चीफ इंजीनियर