बरेली। आंधी-बारिश ने शुक्रवार रात बिजली व्यवस्था को ऐसा झटका दिया कि शनिवार देर शाम तक शहर के कई इलाकों में आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। आधे शहर में 18 घंटे तक आपूर्ति ठप रही। पॉश इलाकों में भी ब्लैक आउट रहा। करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए।
शनिवार को दिनभर आपूर्ति ठप रहने से लोग पानी के लिए भी तरस गए। इससे जहां उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई, वहीं 500 करोड़ रुपये से कराए गए मरम्मत कार्यों और अफसरों के दावों की हकीकत भी सामने आ गई। शनिवार शाम छह बजे के बाद कुछ हद तक आपूर्ति सामान्य हो सकी।
दोहना से बरेली के बीच तीन स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने से राजेंद्रनगर, कोहाड़ापीर, डेलापीर और मिशन कंपाउंड बिजली उपकेंद्र शुक्रवार पूरी रात बंद रहे। 19 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन खंभे और पेड़ों की डाल गिरने से कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई।
इन उपकेंद्रों से शनिवार को भी दिनभर आपूर्ति ठप रही। लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण इज्जतनगर, सीबीगंज, कैंट, दुर्गानगर, महानगर, हरूनगला, जगतपुर उपकेंद्रों से जुढ़े उपभोक्ता भी 20-22 घंटे तक कटौती से जूझे। 11 व 33 केवी लाइनों में छोटे-बड़े फाल्ट तलाशने में अभियंताओं के पसीने छूट गए।
सौ फुटा रोड के पास 11 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से पूरे इलाके की आपूर्ति ठप रही। सीबीगंज उपकेंद्र के मिनी बाइपास और रामपुर रोड पर फाल्ट होने से शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार अपराह्न तीन बजे तक बिजली संकट बना रहा।
33 केवी लाइन ब्रेक डाउन होने से किला, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में भी रातभर आपूर्ति ठप रही। संवाद