बरेली। दीपा की हत्या के पीछे गहरी साजिश का अंदेशा है। तीन दिन पहले किराये पर लिए गए मकान में उनका आधा सामान खुला तक नहीं था। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि कहीं यह मकान दीपा की हत्या के इरादे से तो नहीं लिया गया था? पुलिस को यह भी पता चला है कि दीपा की कमाई पर राजीव मुंबई में ऐश कर रहा था। इधर, दीपा एक ईसाई युवक के संपर्क में आ गई थी। राजीव को इससे एतराज था। हालांकि, हत्या की सही वजह राजीव की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगी।
परिचितों ने बताया कि पांच साल पहले पति की मौत के बाद दीपा बारादरी थाना क्षेत्र निवासी राजीव के संपर्क में आ गई थी। तीन साल पहले उसने दीपक से एक मंदिर में शादी कर ली और करीब 18 महीने तक दोनों उसी मकान में रहे, जिसमें दीपा की हत्या की गई है। इसी दौरान राजीव ने व्यवसाय करने की बात कहकर दीपा से रुपये लिए और मुंबई चला गया। बताते हैं कि अकेली रह रही दीपा अरुण नाम के ईसाई युवक के संपर्क में आकर शहर में ही दूसरी जगह रहने लगी।
हाल ही में राजीव मुंबई से लौटा और दीपा से फिर साथ रहने की जिद दी। मकान मालिक संतोष ने पुलिस को बताया कि दस जुलाई को राजीव उनके पास आया और दोबारा मकान किराये पर देने के लिए कहा। उन्हें दीपा और उसके बीच के अनबन की जानकारी थी तो उनकी पत्नी ने दीपा से बात कराने के लिए कहा। तब राजीव ने कॉल कर दीपा से उनकी बात करा दी। अगले ही दिन राजीव दीपा और सामान लेकर आ गया। सीओ प्रथम ने बताया कि किरायेदारों का आधा सामान भी पैक मिला, इस लिहाज से लग रहा है कि राजीव हत्या के इरादे से ही दीपा को यहां लाया होगा। उसने हत्या क्यों की? यह उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता लगेगा।
गले पर गहरा घाव, सिर पर भी लगी थी चोट
फॉरेंसिक टीम व पुलिस ने जांच की तो मौके पर एक ब्लेड पड़ा मिला, जिस पर खून के निशान थे। दीपा का गला इसी ब्लेड से करीब ढाई इंच गहराई तक रेता हुआ लग रहा था। उसके सिर पर भी चोट थी। बिस्तर व कमरे में खून बह रहा था। ब्यूरो