बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। पश्चिम बंगाल के जायरीन की बस पिकअप वाहन की टक्कर से सड़क किनारे पांच फिट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 40 जायरीन घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल जायरीनों को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां ड्राइवर समेत चार की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसा बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे औंध पेट्रोल पंप के पास हुआ। उत्तर दिनाजपुर (पश्चिमी बंगाल) के चौपरा थाना क्षेत्र के रामगढ़ और आसपास के गांवों के 60 से ज्यादा जायरीन लग्जरी बस डब्ल्यूबी 37-सी8383 से अजमेर शरीफ जा रहे थे। औंध पेट्रोल पंप के पास रामपुर दिशा से आ रही चने की बोरियों से भरी पिकअप गाड़ी यूपी 22 टी-4797 अचानक विपरीत साइड में मुड़ गई। पिकअप को बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने बस को पेट्रोल पंप की बाउंड्री के पास पांच फुट गहरी घुसा दिया। गनीमत रही बस हाईटेंशन लाइन के खंभे पर अटक गई। इसके बावजूद पिकअप की साइड की टक्कर से ड्राइवर बस को नहीं बचा सका। हादसे में रामगढ़ इलाके का बस ड्राइवर हिदायतुल्ला और उसी साइड में बैठा 15 साल का दुलाल, शम्सुद्दीन, जैमुलउद्दीन और बैरुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। शंबारू, नूरुलहक, कैमुद्दीन, फरमान अली, इब्राहीम, मौनसुख, हकीमउद्दीन, शम्सुल, शम्सुद्दीन, इकरार, अकबर अली, मुजीबुल समेत बस की 40 से ज्यादा जायरीन को भी चोट आई हैं। एसओ महेंद्र सिंह यादव फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में वसूली का आरोप
फतेहगंज पश्चिमी। जख्मी जायरीन का आरोप है कि चारों गंभीर घायलों को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन बताई गई रकम न जमा करा पाने पर स्टाफ इलाज में लापरवाही बरतता रहा। बाकी घायलों को मरहम-पट्टी कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। शंबारू, नूरुलहक, शम्सुद्दीन और कई अन्य घायलों ने आरोप लगाया कि पांच-पांच रुपये का पर्चा बनवाने के बाद मरहम पट्टी की गई। दवा के नाम पर सबसे 300-300 रुपये भी वसूले गए। काफी मिन्नतें करने पर भी भर्ती मरीजों को छोड़कर बाकी किसी को सिर छुपाने तक की इजाजत नहीं दी गई। हालांकि स्टाफ नर्स ने रुपये वसूले जाने और मरीजों से बदसलूकी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
.....तो पेट्रोल पंप भी उड़ जाता
फतेहगंज पश्चिमी। भीषण हादसा टल गया। पिकअप से टकराकर खाई में गिरी बस के धक्के से अगर हाईटेंशन लाइन का खंभा टूट जाता तो करंट से पेट्रोप पंप भी नहीं बच पाता।