बरेली। जम्मू-कश्मीर में जीएसटी के 17.54 करोड़ के बकायेदार की खोज बरेली में एक महीने से हो रही है। उसने जम्मू के पते पर ही फर्म बनाई और निवास स्थल भी वहीं का दर्शाया है।
फिलहाल, बरेली सदर तहसील का राजस्व संग्रह अमीन बकायेदार की खोज में बाइक के ईंधन पर दो हजार रुपये से अधिक खर्च कर चुका है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। अब तहसील प्रशासन नगर निगम का सहारा ले रहा है। विक्रमजीत संधू से बकाया वसूली के लिए जम्मू-कश्मीर के डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर वसूली) इंद्रजीत सिंह परिहार ने डीएम को आरसी (वसूली प्रमाणपत्र) भेजी है। यह जिम्मेदारी सदर तहसील के अमीन कस्तूरी लाल काे दी गई है। उन्होंने बताया कि वह कई बार संबंधित पते पर जा चुके हैं। आसपास के लोगों और पार्षद से भी पूछा, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। अब तहसीलदार भानु प्रताप सिंह ने नगर निगम के कर अधीक्षक को पत्र लिखकर पते का मिलान कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद अन्य कार्रवाई की जाएगी। संवाद