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Bareilly News: जीएसटी संग्रह 11.69% बढ़ा, प्रदेश में चौथे पायदान पर बरेली जोन

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पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और जीएसटी दरों में कमी के बावजूद कर संग्रह तेजी से बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में लक्ष्य 368.44 करोड़ के सापेक्ष 224.80 करोड़ (61.01%) राजस्व संग्रह कर बरेली जोन प्रदेश में चौथे पायदान पर है। कर संग्रह में पिछले वित्त वर्ष से 11.69 फीसदी की बढ़त हुई है।
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जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, कर संग्रह बढ़ाने के लिए उद्यमियों और व्यापारियों की नियमित बैठक की जा रही है। साथ ही, जीसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया भी सरल हो रही है। जो लोग रिटर्न छिपा रहे हैं, वे एआई प्रक्रिया से ट्रैक किए जा रहे हैं। औचक सर्वे से बचने के लिए कारोबारी समय पर रिटर्न भर रहे हैं। इसका असर भी कर संग्रह पर दिख रहा है। बीते साल जीएसटी दरों में बदलाव से लोगों की क्रय क्षमता बढ़ी है। लोग बाजार तक पहुंच रहे हैं। इससे भी कारोबार में भी तेजी आई है।

बरेली मंडल के सभी जिलों में बढ़ा कर संग्रह
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में बरेली रेंज ए में शामिल बरेली (सेक्टर एक से छह) और बदायूं (सेक्टर एक से तीन) में कर संग्रह का लक्ष्य 147.62 करोड़ रुपये था। इसके सापेक्ष 86.70 करोड़ कर संग्रह हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष से 14.59 फीसदी अधिक है। रेंज बी में शामिल बरेली (सेक्टर सात से नौ), पीलीभीत (सेक्टर एक, दो), शाहजहांपुर (सेक्टर एक से चार) से 148.83 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 87.17 करोड़ रुपये कर संग्रह हुआ। यह बीते वर्ष से 7.75 फीसदी अधिक रहा। काॅरपोरेट सर्किल के 71.99 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 50.93 करोड़ रुपये ही संग्रह हुआ।
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क्रय क्षमता बढ़ने से कर संग्रह में आया उछाल
सीए अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक लोगों की क्रय क्षमता बढ़ने की बड़ी वजह जीएसटी दरों में संशोधन रहा। दो स्लैब खत्म किए जाने से पिछले वित्त वर्ष में जो उत्पाद 28 या 12 फीसदी की दर पर थे, वे चालू वित्त वर्ष में 18 और पांच फीसदी पर रहे। कीमत कम होने से लोगों की क्रय क्षमता में बढ़त हुई। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में युद्ध से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ पर प्रतिस्पर्धा की वजह से उत्पादों की कीमत स्थिर रही। अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, तभी उत्पाद महंगे होंगे। चालू वित्त वर्ष में प्रतिमाह राज्य कर संग्रह बढ़ने की संभावना है।
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