कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में द्वारचार के समय दूल्हा पानी से भरा लोटा नहीं उठा सका। इसकी जानकारी जब दुल्हन को हुई तो वह परेशान हो उठी और शादी करने से साफ इंकार कर दिया। इससे लड़के पक्ष के लोगों में हड़कंप मच गया। काफी प्रयास के बाद भी जब दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई तो मामला कोतवाली पहुंचा। यहां भी युवती अपनी जिद पर अड़ी रही। इस पर दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया और शादी किए बिना बरात लेकर लौट गए।
लड़की के पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी थाना मितौली क्षेत्र से तय की थी। गुरुवार को सगाई थी। बरात समय पर गांव पहुंच गई। द्वार पूजन के समय जब दूल्हा पहुंचा तो पुरोहित ने लोटा उठाकर जल छिड़कने को कहा। जिस पर दूल्हा लोटा नहीं उठा सका। इस पर वहां मौजूद महिलाओं को संदेह हुआ। इस पर महिलाएं दूल्हे को लेकर घर के अंदर आई और दोबारा पानी से भरा लोटा दे कर उठाने को कहा। दूल्हे ने लोटा उठाने की जब कोशिश की तो उसके हाथ कांपने लगे और वह लोटा नहीं उठा सका। यह देख दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया। इससे शादी समारोह में हड़कंप मच गया। घबराए दूल्हे के पिता ने यूपी 100 पुलिस को सूचना दी।
पुलिस दोनों पक्षों को लेकर कोतवाली पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद दुल्हन को बुलाकर पूछताछ की तो जिस पर दुल्हन ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। काफी देर तक चली पंचायत के बाद दोनों पक्ष एक दूसरे का सामान वापस करने पर राजी हो गए। सामान वापसी के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे बरात बैरंग लौट गई।
दूल्हे के एक हाथ में कोई कमी थी, जिससे वह भारी सामान नहीं उठा पा रहा था। इसलिए लड़की ने उसे नापसंद कर दिया और शादी करने से इंकार कर दिया था। दोनों पक्षों ने सुलह कर एक-दूसरे का सामान वापस लौटा दिया है। बरात बिना शादी किए वापस लौट गई है।
विद्याराम दिवाकर, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली तिकुनियां