बरेली। कोरोना लगातार और हमलावर होता जा रहा है। शुक्रवार को सिर्फ संजयनगर और सिटी श्मशान भूमि पर ही 14 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट की प्रबंध कमेटियों के मुताबिक आम दिनों में दोनों श्मशान घाटों पर बमुश्किल 10-12 ही शव अंतिम संस्कार के लिए आते थे लेकिन कुछ दिनों से यह आंकड़ा डेढ़ गुने से भी ज्यादा हो गया है। शुक्रवार को यहां 34 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ।
सिटी श्मशान भूमि पर शुक्रवार को 20 शवों का अंतिम संस्कार हुआ जिनमें सात शवों की अंत्येष्टि कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुई। इसी तरह संजयनगर श्मशान घाट पर कुल 14 शवों का अंतिम संस्कार हुआ जिनमें से सात शव के अंतिम संस्कार में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया। श्मशान का प्रबंधन देखने वाले हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार का कहना है कि शवों की संख्या अचानक इतनी बढ़ जाएगी, यह उम्मीद नहीं थी।
लगातार शवों की संख्या बढ़ने से दोनों श्मशान घाट पर लकड़ियों की भी कमी पड़ने लगी है। सिटी श्मशान भूमि पर अब सिर्फ पांच दिन की लकड़ी बची है। इसी तरह संजय नगर श्मशान भूमि पर भी सिर्फ तीन दिन की लकड़ी शेष है। सिटी और संजय नगर श्मशान भूमि पर ज्यादातर लकड़ी उत्तराखंड के जंगलों से आती है। पाबंदियों की वजह से वहां से लकड़ियां नहीं आ पा रही हैं जबकि शवों की संख्या लगातार बढ़ी है। सिटी श्मशान भूमि पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार गैस संयंत्र से भी किया जाता है। हालांकि हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के मंत्री विजय कुमार का कहना है कि समय रहते और लकड़ी मंगा ली जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में
कोरोना से मौत सिर्फ सात
बरेली। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को सात कोरोना संक्रमितों की मौत हुई।
बरेली कॉलेज के प्रोफेसर और होम्योपैथ डॉक्टर के अलावा सपा नेता ब्रह्मस्वरूप सागर के 80 वर्षीय पिता बीडी सागर ने भी रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। वह कोरोना संक्रमित थे। स्टेडियम रोड पर नीलकंठ कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय महिला की दो दिन पहले हालत बिगड़ गई थी। उन्हें राजश्री मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था जहां शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका 22 वर्षीय बेटा भी कोविड संक्रमित है। पवन विहार कॉलोनी के होम्योपैथ डॉक्टर अनंत सिंह की नोएडा के एक अस्पताल में मौत हो गई। उनके दूसरे भाई डॉ. जयंत सिंह की हालत भी गंभीर है। वह भी नोएडा के अस्पताल में भर्ती हैं। पिता डॉ. डीएन सिंह पवन विहार कल्याण समिति के अध्यक्ष भी हैं। एसआरएमएस में शुक्रवार को फरीदपुर के मोहल्ला फरकपुर की एक 65 वर्षीय महिला की कोरोना से मौत हो गई। मीरगंज के गांव गहबरा के एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। परिजनों के मुताबिक तीन सौ बेड अस्पताल में कोविड की पुष्टि के बाद उन्हें रूहेलखंड मेडिकल कालेज ले जाया जा रहा था। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
प्लाज्मा मिलता तो बच जाती डॉक्टर की जान
बरेली। पवन विहार कॉलोनी निवासी डॉ. अनंत सिंह की मौत नोएडा के अस्पताल में कोरोना संक्रमण से हो गई है। वहीं उनके भाई डॉ. जयंत कुमार अभी भी नोएडा के अस्पताल में भर्ती है। पिता डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि उनके बेटे को प्लाज्मा की जरूरत थी। दूसरे बेटे की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उन्हाेंने अपील की है कि जिस व्यक्ति का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव हो और वह 15 फरवरी से 31 मार्च के बीच संक्रमित हुआ हो और उसे अभी तक कोरोना वैक्सीन न लगा हो तो वह प्लाज्मा देकर उनकी मदद कर सकता हैं। उन्हाेंने मोबाइल नंबर 8279838887 पर संपर्क कर सहायता करने की अपील की है।