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Bareilly News: सिर में घुसे ग्रेनेड के छर्रे, पर आतंकियों से लेते रहे मोर्चा

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बरेली। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकियों ने होटल ओबरॉय में नागरिकों को मोहरा बनाया तो उन्हें सेफ जोन ले जाने की जिम्मेदारी एनएसजी कमांडो को मिली। कमांडो मनेश पीवी के सिर के पास ग्रेनेड फटा। हेलमेट बिखर गया। सिर में तीन छर्रे धंस गए। जख्मी हालत में भी वह आतंकियों से मोर्चा लेते रहे और लोगों को बचाया। अदम्य साहस के लिए उन्हें शौर्य चक्र से नवाजा गया।
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बृहस्पतिवार को माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में एनएसजी कमांडो सूबेदार मनेश पीवी ने बताया कि 28 नवंबर 2008 की सुबह उनके कमांडो दल को होटल ओबरॉय की छत पर हेलीकॉप्टर से उतारा गया था। ऊपर से ही होटल के कमरों में छापा मारा। 40 लोगों को सेफ जोन में पहुंचाया। जब वह कमरा संख्या 203 में पहुंचे तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने एक आतंकी को मार गिराया। दूसरे ने उनपर ग्रेनेड से हमला किया। उन्होंने एक हाथ से गोली चलाते हुए दूसरे से ग्रेनेड पकड़ने की कोशिश की, जो उनके सिर के पास फट गया।
इससे सिर का एक हिस्सा उड़ गया। हेलमेट तीन हिस्सा में बिखर गया। तीन छर्रे सिर में घुसने के बाद भी वह आतंकियों से मोर्चा लेते रहे। उनके साथी ने ग्रेनेड फेंकने वाले को मार गिराया। थोड़ी देर बाद वह बेहोश हो गए। चार माह तक वे कोमा में रहे। छह माह बाद बोलने लगे पर कुछ याद नहीं था। चार साल बाद उनकी याददाश्त लौटी। अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय और समर्पण के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सूबेदार मनेश पीवी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। स्कूल की ओर से शौर्य चक्र विजेता को पुरस्कार स्वरूप 60 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। सूबेदार मनेश पीवी ने बताया कि शौर्य चक्र से पहले तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उनको मेल्लूर सम्मान प्रदान किया था। शौर्य चक्र से सम्मानित होने के बाद 11वीं में उन्हें पढ़ाई के लिए डांटने वाले गुरुजी मिलने आए तो उनके पांव पकड़ लिए थे। इस पर मनेश ने कहा था कि ये गुरु दक्षिणा है। अमर उजाला ब्यूरो
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ओलंपिक 2036 की मेजबानी की तैयारी में जुटा देश : अजय बंसल
द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता हॉकी कोच डॉ. अजय कुमार बंसल को श्री चतुर्भुज अग्रवाल नागरिक सम्मान से नवाजा गया। अजय ने बताया कि देश अब वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रयासरत है। खिलाड़ियों को तराशने के लिए कीर्ति योजना शुरू हुई है। क्रिकेट को महंगे प्रायोजक मिलते हैं। हॉकी के साथ ऐसा नहीं है। हॉकी लीग में सबसे महंगे खिलाड़ी की बोली 78 लाख लगी थी।
मिस इंडिया 2013 डॉ. सिमरन आहूजा ने दिए पुरस्कार
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मिस इंडिया 2013 डॉ. सिमरन आहूजा रहीं। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों और मेधावियों को सम्मानित किया। स्कूल के प्रबंधक डॉ. सौरभ कुमार अग्रवाल, प्रबंध निदेशक चंदना अग्रवाल ने शहीद दुर्लभ सिंह की पत्नी सिमरनजीत कौर को भी सम्मान राशि दी।
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