बरेली। जिले में दो हाईवे के चौड़ीकरण के लिए आठ हजार से ज्यादा पेड़ों की कटान की जाएगी। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने बरेली-मथुरा हाईवे को सिक्स लेन करने के लिए पेड़ों की गिनती शुरू कर दी है। बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण में भी पेड़ बाधक बन रहे हैं। इनकी भी गणना की जा रही है।
बरेली-मथुरा हाईवे का चार चरणों में चौड़ीकरण कराया जा रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में बरेली-बदायूं के बीच भी काम शुरू किया जाएगा। इस हाईवे को सिक्स लेन किया जाना है। इससे पहले वर्ष 2011-12 में बरेली-बदायूं हाईवे को फोन लेन किए जाने के दौरान भी काफी संख्या में पेड़ काटे गए थे। बाद में दोनों ओर पौधरोपण भी किया गया था। अब ये पौधे पेड़ बन चुके हैं। हाईवे को फोर से सिक्स लेन किए जाने के दौरान फिर पेड़ काटे जाएंगे।
गणना के बाद बदायूं और बरेली के वन विभाग से पेड़ों की कटान के लिए अनुमति मांगी जाएगी। हालांकि, काटे गए पेड़ों के एवज में एनएचएआई दोगुना पौधरोपण के लिए वन विभाग को भुगतान करेगा।
दो साल में विकास की भेंट चढ़ चुके हजारों पेड़
दो साल में हजारों पेड़ विकास की भेंट चढ़ चुके हैं। इससे पहले बरेली-बदायूं रोड पर लाल फाटक से रामगंगा तक छह किमी सड़क को छह लेन बनाने के लिए 6,500 वृक्षों को काट दिया गया था। इसके बदले बिजनौर के नजीबाबाद के जंगलों को पौधरोपण किया गया। बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जिले की सीमा में 3,240 वृक्षों को काटा जाना है। एनएचएआई की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद वन विभाग ने मिर्जापुर जिले में पौधरोपण के लिए 58 हेक्टेअर भूमि को चिह्नित किया है।
बरेली-मथुरा हाईवे का चौड़ीकरण होना है। बदायूं-बरेली के बीच पेड़ों की गणना की जा रही है। वन विभाग से अनुमति लेने के बाद नियमानुसार पेड़ों की कटान और पौधरोपण किया जाएगा। - उत्कर्ष शुक्ला, पीडी एनएचएआई
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