नए साल से जननी सुरक्षा योजना से जुड़े अस्पताल में प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाआें को अपना खाता खुलवाना जरूरी होगा। जनवरी से उनके पति के खाते पर जननी सुरक्षा योजना का कोई पैसा ट्रांसफर नहीं होगा। खाता आधार कार्ड से भी जुड़ा होना चाहिए।
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी और योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाआें को तय राशि दी जाती है। शहर में 1000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाआें को 1400 रुपए मिलते हैं। यह राशि लाभार्थी को पहले चेक के माध्यम से दी जाती थी, लेकिन अब सीधे खाते में ट्रांसफर होती है। इसमें भी कई महिलाआें के पास उनके खाते न होने से रकम उनके पति के खाते में दी जा रही है। जिसको लेकर अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से साफ निर्देश आए हैं कि लाभार्थी का खुद का खाता होना जरूरी है। 31 दिसंबर के बाद राशि केवल लाभार्थी महिला के ही खाते में जाएगा। इसके लिए आशा भी नौ माह के दौरान खाता खुलवाने में सहयोग करेंगी।
- बरेली में सिर्फ 65 फीसदी हुआ भुगतान
बरेली में जननी सुरक्षा योजना के तहत सिर्फ 65 फीसदी ही भुगतान हुआ है। जबकि बाकी अन्य गर्भवती महिलाआें के अभी तक खाते ही नहीं खुल सके हैं। पिछले साल स्थिति और खराब थी। इस बार यह 65 पर पहुंची है।
वर्जन--
जनवरी 2017 से जननी सुरक्षा योजना के तहत सिर्फ उन्हीं को भुगतान हो सकेगा जिनके खाते खुले होंगे। अभी भी महिलाआें के खाते खुलने की स्थिति खराब है। खाते खुलवाने पर जोर देंगे।
डॉ. प्रमिला, एडी हेल्थ