फतेहगंज पश्चिमी में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राम सुरेश गुप्ता की सोमवार को संदिग्ध बुखार से मौत हो गई। उनको पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार बना हुआ था और प्लेटलेट्स कम हो रहे थे। डेंगू की आशंका जताई जा रही थी लेकिन एलाइजा जांच न होने से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। वह विकास क्षेत्र के खिरका जगतपुर गांव में तैनात थे।
मीरगंज कस्बे के स्टेशन रोड निवासी राम सुरेश (58) सप्ताह भर से तेज बुखार से पीड़ित थे। शहर के एक निजी हास्पिटल में इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवार वाले गंगाचरण हास्पिटल ले गए। उन्हें भर्ती कर लिया गया। सीटी स्कैन में ब्रेन हैमरेज की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने को कह दिया। सोमवार रात 11 बजे 11 बजे हास्पिटल से डिस्चार्ज कराकर मेदांता गुड़गांव ले गए। यहां सुबह आठ बजे सुरेश ने दम तोड़ दिया। गंगाचरण के प्रबंधक निदेशक डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि उनके प्लेटलेट्स काउंट कम थे, लेकिन डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी। ब्रेन हैमरेज पता चलने पर उन्हें हायर सेंटर जाने को कहा गया था। उधर, कस्बे और आसपास के व्यापारियों, स्टाफ के लोगों के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू ने भी रामसुरेश के पैतृक निवास पर पहुंचकर शोकसंवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया।