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475 गरीब बेटियों के 1.66 करोड़ से होंगे हाथ पीले 

Fri, 26 Jan 2018 12:56 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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 गरीब पिता भी अपनी लाडली के हाथ धूमधाम से पीले कर सकें, इसके लिए आर्थिक तौर से कमजोर परिवारों को 1.66 करोड़ की मदद दी गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मिले फार्मों की जांच के बाद 475 परिवारों को पात्र पाया गया है। गरीबी के चलते बेटी के हाथ पीले करने को लेकर परेशान पिता को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार हर गरीब बेटी की शादी पर 35 हजार रुपये खर्च करेगी। शादी का इंतजाम भी सरकार करेगी।
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गरीब परिवार की कन्याओं की शादी में मदद के लिए पिछले साल अक्तूबर में इस योजना को अमल में लाया गया था। इसके बाद से शहरी क्षेत्र में नगर आयुक्त, ईओ और ग्रामीण इलाकों में बीडीओ के जरिये फार्म जमा कराए गए थे। यहां से मिले फार्म के बाद प्रशासन ने इनकी जांच कराई थी। इसमें पौने पांच सौ परिवारों को सत्यापन में पात्र पाया गया था। डीएम की मंजूरी के बाद समाज कल्याण विभाग ने पात्र परिवारों को 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। निकायों और बीडीओ के कंधों पर ही सामूहिक विवाह करानेे की जिम्मेदारी रहेगी। प्रत्येक आयोजन में कम से कम 10 कन्याओं की शादी कराई जानी है। 
 
 विवाह के लिए इस तरह दी जाएगी धनराशि 
प्रत्येक शादी पर 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से 20 हजार सीधे कन्या के खाते में जाएंगे और 10 हजार रुपये का घर-गृहस्थी का सामान दिया जाएगा। विधवा, तलाकशुदा या परित्यकता के खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर होंगे। पांच हजार रुपये के उपहार दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक विवाह के आयोजन पर पांच हजार रुपये खर्च होंगे। घर-गृहस्थी का सामान सीडीओ की अध्यक्षता में बनी समिति से तय रेट पर ही खरीदा जाएगा।
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पात्रता के लिए इन बिंदुओं पर की गई जांच 
शादी इमदाद देने के लिए पात्रता की जांच की गई है। इसमें यह देखा गया है कि आवेदक सूबे का निवासी होना चाहिए। साथ ही परिवार बीपीएल होने के साथ वर और वधू दोनों ही बालिग हों। विधवा और दिव्यांगों की बेटी और बेसहारा कन्याओं को प्राथमिकता दी गई है। जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि चयनित परिवार जांच में इन मानकों पर खरे उतरे हैं। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शासन ने जाना हाल 
गरीब परिवारों को इस स्कीम में पहली बार अनुदान दिया गया है। स्कीम को किस तरह से लागू किया गया है और इसमें क्या दिक्कतें आ रही हैं ? इसे लेकर गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शासन ने समाज कल्याण विभाग से जानकारी जुटाई है, ताकि इसमें जरूरी बदलाव भी किए जा सकें। 
 
सामूहिक विवाह योजना में पहली बार अनुदान जारी किया गया है। जांच में पात्र मिले परिवारों को ही यह धनराशि दी गई है। गड़बड़ी न हो, इसके लिए जांच में पूरी पारदर्शिता दिखाई गई है। 
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- अशोक दीक्षित, जिला समाज कल्याण अधिकारी    
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