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पोर्टल तू चल वरना मची रहेगी हलचल

Fri, 23 Mar 2018 06:55 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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ऑनलाइन सिस्टम ठप रहने से कई विभागों का कामकाज ठप है। मार्च में दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है। इससे पब्लिक को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन अधिकारी व्यवस्था सुधारने के बजाय हाथ खड़े कर रहे हैं।  
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ऋण मोचन : 15 हजार शिकायतें लंबित 
कृषि विभाग का पोर्टल भी किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। इसकी वजह से ऋण मोचन योजना की करीब 15 हजार ऑनलाइन शिकायतों की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि कृषि विभाग को सभी लंबित मामलों की जांच कराकर 23 मार्च तक वंचित किसानों का ब्योरा शासन को भेजना है। दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों का मार्च 2016 तक लिया गया एक लाख का कर्ज माफ होना है, जबकि तहसील और बैंक अधिकारियों की गलत रिपोर्ट लगने से हजारों किसानों की कर्ज माफी नहीं हो सकी। ऐसे 15 हजार से ज्यादा किसानों ने विभाग को ऑनलाइन शिकायतें की हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के दफ्तर में भी करीब छह हजार शिकायतें किसानों ने सीधे जमा की हैं। जिला कृषि अधिकारी आरटी यादव ने बताया कि शासन से शिकायत निस्तारण करने के लिए समय सीमा बढ़ाने का आग्रह किया गया है। 

वृद्घावस्था पेंशन : 57 हजार लोग परेशान   
समाज कल्याण विभाग करीब 57 हजार लोगों को वृद्घावस्था पेंशन की हर वर्ष चार बार तिमाही किस्त जारी करता है। इस योजना का सारा डाटा ऑनलाइन है और पेंशन भी सीधे ऑनलाइन ही खातों में भेजी जाती है, जबकि विभाग के पोर्टल में आए दिन खराबी बता कर पेंशन के लिए बुजुर्गों को दौड़ाया जाता है। यही वजह है कि मार्च खत्म होने को है लेकिन समाज कल्याण विभाग पेंशन योजना की अंतिम और चौथी किस्त अब तक नहीं भेज सका है। समाज कल्याण कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित का कहना है वित्तीय साल का अंत होने के कारण पोर्टल पर काफी लोड बढ़ जाने से भी दिक्कत रहती है।
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मनरेगा : 25 हजार श्रमिकों का भुगतान लटका 
मनेरगा में हर दिन ऑनलाइन मस्टर रोल भरे जाते हैं। मनरेगा का पोर्टल आए दिन प्रभावित रहता है। बताते हैं कि जिलेभर में करीब 25 हजार श्रमिकों को भुगतान में देरी हो रही है। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि मनरेगा का सारा काम ऑनलाइन है, लेकिन पोर्टल कई बार दिक्कत करता है। इस वजह से भी काफी परेशानी होती है और काम पेंडिंग हो जाता है। मार्च में दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है। 
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