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शादी कर लो शादी! वरना फिर होगी सरकारी धन की बर्बादी

Wed, 25 Apr 2018 06:38 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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सामूहिक विवाह योजना में पिछले साल 415 शादियां नहीं हो सकी थीं। शासन ने एक बार फिर 1562 गरीब युगलों का विवाह कराने का बजट पास कर दिया है। बीते वर्ष से सबक लेते हुए अफसर इस बार सामूहिक विवाह की तारीख तय करने में इस बात को लेकर सजग हैं कि मुहूर्त वाले दिन ही आयोजन तय किए जाएं, ताकि लोगों को इसमें शादियां कराने में कोई गुरेज न हो। 
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निर्धन कन्याओं की शादी कराने के लिए योगी सरकार ने पिछले वर्ष इस योजना की शुरूआत की थी, लेकिन लचर सरकारी सिस्टम 471 की जगह केवल 56 जोड़ों की ही शादियां करा सका। ऐसे में समाज कल्याण विभाग के पास आए 1.66 करोड़ में से केवल 19 लाख रुपये ही खर्च हो सके। सामूहिक विवाह कराने के लिए समाज कल्याण विभाग के साथ जिला पंचायत, स्थानीय निकायों और बीडीओ को भी जिम्मेदार बनाया गया है, लेकिन अफसरों ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। ऐसे में इस योजना का 1.47 करोड़ का बजट इनके खातों में डंप पड़ा हुआ है। इधर, सरकार ने इस वर्ष के लिए भी 1562 गरीब युगलों की शादी कराने के आदेश दे दिया है। प्रत्येक जोड़े पर 35 हजार रुपये खर्च किया जाना है। इसके लिए पहली किस्त के तौर पर 2.66 करोड़ बजट फिर मिल गया है। इसके बाद अधिकारियों ने एक बार फिर पुरानी कमियों को ध्यान में रखकर तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार इसका ध्यान रखा जा रहा है कि सामूहिक विवाह की तारीख मुहूर्त वाले दिन ही तय हो। 

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कड़ी मॉनीटरिंग की तैयारी 
पिछले वर्ष रामनगर में दस शादीशुदा जोड़ों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दोबारा शादी करा दी गई थी। यह मामला सामने आया तो बीडीओ पर कार्रवाई भी हो गई थी। इस योजना में इस बार भी सरकार दिल खोलकर बजट दे रही है, इसलिए इसमें रकम को ठिकाने लगाने के लिए फिर से फर्जीवाड़ा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अधिकारी इसके लिए कड़ी मॉनीटरिंग करने की बात कह रहे हैं। 
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सामूहिक विवाह योजना की पिछली खामियों को ध्यान में रखकर इस बार की नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आयोजन के लिए इस बार पर्याप्त समय है। इस बार पूरी कोशिश रहेगी कि सब कुछ व्यवस्थित और पारदर्शी रहे। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ  
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