'निरंतर नई ऊचाइयां छू रहीं छात्राएं'
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्राएं शिक्षा और अनुसंधान में निरंतर नई ऊचाइयां छू रही हैं। शिक्षा के प्रतिस्पर्धा के दौर में संतुलन की स्थिति बने रहे हैं। छात्र और छात्राओं दोनों को समान अवसर, प्रोत्साहन और संसाधन प्राप्त हों। यही समाज के संतुलित विकास की पहचान है। सबको समान अवसर और संसाधन मिलते हैं, लेकिन छात्रों से छात्राएं आगे निकल रही हैं। मुझे तो खुशी होगी, क्योंकि महिलाएं आगे बढ़ें, लेकिन छात्रों को भी पीछे नहीं रहना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आरंभ की गई नई पहल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड अपने आप में एक प्रेरक परंपरा का सूत्रपात है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार का चयन सराहनीय है।
ऐसी कोई शिक्षा नहीं जो हाथों में कलम की जगह बम थमाए- उपाध्याय
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने दिल्ली के आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी शिक्षा है जो हमें आतंकवाद सिखाती है या जिहादी बनाती है। शिक्षा वह नहीं है जो बच्चों के हाथों में कलम या कंप्यूटर की जगह बम या पत्थर थमाए। कोरोना काल में जिन डॉक्टरों ने अपनी परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई, वो मानवता की मिसाल बने।
उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी शिक्षा है जो डॉक्टरों को आतंकी बना देती है। केवल एक पुस्तक हमें ज्ञान नहीं दे सकती। इसलिए आवश्यक है कि हम हर क्षेत्र के अच्छे व बुरे पहलू को समझें। दीक्षांत का अर्थ शिक्षांत नहीं है। शिक्षा निरंतर चलती रहती है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि समाज को संस्कारपूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है।