हमें आर्गेनिक खेती की ओर जाना ही होगा। रासायनिक खाद के इस्तेमाल से हमने उत्पादन में बढ़ोतरी तो कर ली मगर बदले में हमें कैंसर जैसी बीमारियां भी मिलीं। अब लोगों को जैविक खेती की ओर लौटना होगा ताकि आने वाली पीढ़ी बीमारियों से दूर हो सके। यह कहना है राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का। वे सोमवार को शाहजहांपुर में विनोबा सेवा आश्रम की स्थापना के 40 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहीं थीं।
सोमवार पूर्वाह्न 11:20 बजे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का काफिला शाहजहांपुर के बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम पहुंचा। उन्होंने सबसे पहले मॉडल गोशाला में गो दर्शन किए। यहां पर वर्मी कंपोस्ट बनाने की विधि को देखा। आश्रम में स्थापित त्रिमाता यानी जननी माता, गो माता और धरती माता सदन के दर्शन किए।
उन्होंने महिला किसानों से सरकार की योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। महिलाओं के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से इनकार करने पर नाराजगी जताते हुए डीएम इंद्र विक्रम सिंह से आयुष्मान कार्ड, आवास और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा। विनोबा सेवा आश्रम संस्थापक रमेश भइया, विमला बहन ने उन्हें आश्रम में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी।
मुख्य समारोह में उन्होंने कहा कि विनोबा भावे की सेवा भावना से सभी को सीख लेनी चाहिए। उनके पिता ने भी विनोबा भावे के भू-दान आंदोलन से प्रेरित होकर एक एकड़ भूमि का दान किया था। वर्तमान में विनोबा सेवा आश्रम में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को आश्रय मिल रहा है। गोवंशीय पशुओं के गोबर से खाद बनाकर जैविक खेती के जरिये बीमारी मुक्त समाज की स्थापना हो सकती है।