बरेली। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र व प्रदेश सरकार ने मुस्लिम मतदाताओं को साधने का खाका तैयार कर लिया है। प्रदेश के 450 हज ट्रेनिंग सेंटरों को इनका जरिया बनाया जाएगा। पहली बार इन सेंटरों में पहुंचने वाले हज यात्रियों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ केंद्र सरकार के 2014 से अब तक और प्रदेश सरकार के 2017 से अब तक अल्पसंख्यकों के हित में कराए गए कार्यों की जानकारी बुकलेट और पंफलेट के जरिये दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की सदस्य डॉ. सैयद एहतेशाम उल हुदा ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों के लिए तमाम योजनाएं चला रही हैं। समाज के लोगों को उनका लाभ भी मिल रहा है, मगर विपक्षी दल खुद को मुस्लिमों का हितैषी बताते हुए हुए भाजपा सरकार को विरोधी बताने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सरकार अब हज यात्रियों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ अपनी योजनाओं के बारे में भी बताएगी। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि सरकार भविष्य में अल्पसंख्यकों के लिए क्या करने वाली है। विपक्षी पार्टियां सिर्फ सरकार को बदनाम करने का काम करती हैं, जबकि सरकार सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है।
सूफी संवाद की हो गई शुरुआत
इससे पहले पार्टी 15 मार्च से सूफी संवाद महाअभियान की शुरुआत कर चुकी है। इसके तहत दरगाहों पर सूफी कार्यक्रम होंगे। इसे लेकर गैरराजनीतिक टीमें भी बनाई गई हैं। ये टीमें भी मुस्लिम वोटरों को बीजेपी के नजदीक लाने का काम करेंगी। इसके तहत एक साल तक देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा और इस साल के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा मोदी मित्र की टीम पहले से ही अभियान चला रही है।