बरेली। बिथरी चैनपुर के पीतमपुर गांव में सड़क किनारे शनिवार को भारी मात्रा में बिखरे सरकारी दवाओं के पैकेट और पेटियों को देख राहगीर दंग रह गए। इनमें दर्द निवारक, अस्थमा, डायबिटीज, कैल्शियम, विटामिन, बुखार व अन्य बीमारियों से संंबंधित दवाएं हैं।
सड़क किनारे मिली दवाओं ने स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगाया है। राहगीरों ने मामले की सूचना बिथरी चैनपुर चिकित्साधिकारी उत्तरा शर्मा को दी तो उन्होंने इसकी जानकारी से इन्कार किया है। साथ ही, दवाएं बिथरी सीएचसी की न होने की बात कही। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक सुबह तक दवाएं नहीं थीं। दोपहर में ही किसी ने ये दवाएं यहां फेंकी होगी या ले जाने के दौरान गिर गई होंगी।
यहां मिली दवाओं में कोई भी एक्सपायर नहीं है। सभी की एक्सपायरी तिथि एक से दो वर्ष की है। जानकारी के मुताबिक दवाओं में 11 पेटी इब्रूफेन सिरप के हैं। जो छोटे बच्चों को दर्द से राहत के लिए दी जाती है। एक-एक पेटी कैल्सीफेरॉल जिलैटिन, सेबुटामॉल, मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट की है। जो अस्थमा, डायबिटीज, कैल्शियम, विटामिन समेत अन्य पोषक तत्वों की है।
बीते वर्षों में भी फेंकी हुई मिली थीं कई दवाएं
सड़क किनारे सरकारी दवाओं के मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष फरीदपुर में दवाएं मिली थीं। वहीं, सुभाषनगर इलाके की बंद पड़ी चीनी मिल से गुजर रहे नाले में भी फाइलेरिया की हजारों टैबलेट के पैकेट फेंके हुए मिले थे। मामला सुर्खियां बनने के बाद जांच टीम गठित हुई थी पर अब तक इन प्रकरणों में लिप्त रहे जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बैच नंबर से पता चलेगा किस केंद्र की है दवा
एमओआईसी उत्तरा शर्मा के मुताबिक प्रकरण संज्ञान में आने पर उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि जहां दवाएं पड़ी हुई मिली है वो स्थान फरीदपुर के भी नजदीक है। पास ही ड्रग स्टोर भी है। संभावना जताई कि स्टोर से किसी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाने के दौरान दवा किन्हीं वजहों से गिर गई होंगी। ड्रग स्टोर में किस केंद्र को दवा दी यह बैच नंबर से पता चलेगा।
सड़क के किनारे दवा मिलने का प्रकरण संज्ञान में है। इसकी जांच के लिए संबंधित क्षेत्र की एमओआईसी को निर्देश दिए हैं। दवा फेंकने की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो