बरेली। जन्मजात दोष से जूझ रहे आर्थिक कमजोर परिवार के बच्चों के चेहरे पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से मुस्कान आ रही है। बीते दिनों सर्वे के दौरान चिह्नित बच्चों के कटे होंठ और तालू की निशुल्क सर्जरी कराकर उनकी मुस्कान वापस लौटाई।
आरबीएसके मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता के मुताबिक, भमोरा निवासी हजेंद्र के बेटे मधुर को जन्मजात कटे तालू का दोष था। इसी तरह आलमपुर जाफराबाद के रहने वाले महेशपाल की बेटी रुचि के होंठ भी कटे हुए थे। प्रसव के बाद जन्मजात दोष से ग्रसित बच्चे को देख अभिभावकों के चेहरे मुरझा गए। आर्थिक तंगी की वजह से वे इलाज नहीं करा पा रहे थे। आरबीएसके टीम के सर्वे में दोनों बच्चे चिह्नित हुए। इसके बाद सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह से अनुमति लेकर उनका निशुल्क ऑपरेशन आगरा के निजी चिकित्सालय में कराया गया। बच्चे स्वस्थ हैं और डिस्चार्ज के बाद घर लौटे हैं। ब्यूरो