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उद्योग चालू करने की अनुमति तो मिल गई पर कच्चा माल कहां से लाएं

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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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मध्यम और लघु उद्योगों का पहिया घूमना शुरू, 205 उद्योगों और प्रतिष्ठानों को मिली अनुमति

बरेली। सोमवार से लॉकडाउन-3 शुरू हो गया है। इसके साथ ही मध्यम, लघु और सूक्ष्म (एमएसएमई) उद्योगों का पहिया भी घूमना शुरू हो गया है। जिले भर में अब तक 205 इकाइयों को चलाने अनुमति दी जा चुकी है। परसाखेड़ा में आइसक्रीम, ट्रांसपोर्ट नगर के पास आयुर्वेदिक औषधियां और अन्य उत्पाद तैयार करने वाले कारखानों में बुधवार से उत्पादन शुरू हो जाएगा, लेकिन ज्यादातर उद्यमियों को कहना है कि उद्योग चलाने की अनुमति तो मिली है लेकिन कच्चा माल की अनुपलब्धता और श्रमिकों की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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लॉकडाउन से अस्तव्यस्त हुए उद्योगों को पटरी पर लाने की कोशिश तेजी से शुरू हो गई है। इसके तहत ही जिले मे मानकों के दायरे आने वाले सभी उद्योगों को चालू करने की हाथों हाथ अनुमति दी जा रही है। स्थिति यह है कि हर दिन आवेदकों की तादाद बढ़ रही हैं। सरकार ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र के सर्विस सेंटरों को भी खोलने की अनुमति दे दी है। जिन शोरूम पर 22 मार्च से एक भी वाहन नहीं बिका है, उनके संचालकों ने सर्विस सेंटर चलाने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही बिस्किट, रस्क, नमकीन, बिजली उपकरण और केबल बनाने वाली इकाइयों को चालू करने की अनुमति मिल गई है लेकिन उद्यमी कच्चा माल और पर्याप्त श्रमिक नहीं मिलने से परेशान हैं। उनसे हुई बातचीत के अंश-

कच्चा माल नहीं मिलने की आशंका

से फैक्टरी में करना होता है शटडाउन
पुराना कच्चा माल स्टॉक में पर्याप्त है नहीं और नई सप्लाई मिलने की अभी संभावना नहीं है। बाजार से उत्पाद की भी डिमांड नहीं मिल पा रही है, क्योंकि अभी सामान्य स्थिति नहीं बन पा रही है। लिहाजा फैक्ट्री सप्ताह में दो बार शटडान कर दिया जाता है। तीन दिन ही उत्पादन कर पा रहे हैं। कई अन्य समस्याएं भी हैं। अभी स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा। - दिनेश गोयल, पेपर निर्माता

बाहर से कच्चा माल लाने में परेशानी

इकाई चलाने की अनुमति तो मिल गई है लेकिन हमारे सामने कच्चे माल की समस्या आ रही है। अन्य प्रांतों से सामान लाना ले जाना अभी आसान नहीं हुआ है। हर बॉर्डर पर चेकिंग के नाम पर बेवजह परेशान किया जाता है। जितना माल है उससे ही काम चलाएंगे। - तनुज भसीन, इलेक्ट्रिकल उपकरण उत्पादक

नकदी की कमी और नए नियमों से समस्या

मार्च तक करोड़ों रुपये के विद्युत प्रोजेक्ट पूरे होने थे। उसके लिए ट्रांसफार्मर आदि उपकरणों की सप्लाई करनी था। लॉकडाउन लागू होने से उपकरणों का उत्पादन प्रभावित हो गया है। विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा करने पर अब जोर दिया जा रहा है, लेकिन कच्चा माल लेने को नकदी की कमी और नए नियम आड़े आ रहे हैं। - प्रणीत चढ्ढा, ट्रांसफार्मर निर्माता

कच्चे माल और परिवहन समस्या

कच्चा माल आने में बड़ी समस्या हो रही है। बाजार पूरे नहीं खुलने से तैयार माल खपाने में भी बड़ी परेशानी हो रही है। रिटेलर तक उत्पाद नहीं पहुंचने से उद्यमियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। आने जाने वाले वाहनों को भी बेवजह रोका जाता है। कारोबार हित में इसका समाधान जरूरी है।
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- केके चंदानी, नमकीन निर्माता

उद्योग चलाने का माहौल तो बने

सरकार ने उद्योग चलाने की अनुमति तो दे दी है लेकिन कच्चा माल नहीं मिलने और उत्पादों को खपाने के लिए बाजार नहीं मिल पा रहा है। इससे कारोबार अस्तव्यस्त ही है। सरकार कारोबार और औद्योगीकरण का माहौल बनाए, क्योंकि नए नियाम लागू होने से उद्योग चलाना आसान नहीं है। - पीयूष अग्रवाल, अध्यक्ष आईआईए

सरकार तक पहुंचाई समस्याएं

सरकार आर्थिक मोर्चे पर काम रही है। कच्चा माल, श्रमिक समेत कई समस्याएं लंबित हैं। कई नियमों में छूट दी गई है। जिले भर में दो सौ से ज्यादा उद्योग दौड़ने लगे हैं। पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के समक्ष यह सब समस्याएं रखीं थीं। यह सब सुझाव सरकार तक पहुंच गए हैं। - ऋतुराज बास, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ
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