जांच के लिए पहुंचे लोगों ने जताया विरोध तो नई किट से शुरू हुई कोरोना की जांच
बरेली। पिछले चार दिनों से रद्दी एंटीजन किट से जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नई किट तो मुहैया करा दी मगर पुरानी किट लेना भूल गए। लिहाजा शुक्रवार को भी स्वास्थ्य कर्मियों ने कई जांचें रद्दी किट से ही कर डालीं। लोगों ने इसका विरोध किया तब जाकर नई किट से जांच शुरू की गई। साथ ही आरटीपीसीआर सैंपल भी लिए गए हैं।
रविवार को एंटीजन किट की नई खेप स्टेटिक टीम, सीएचसी, पीएचसी को मुहैया कराई गई थी। सोमवार से किट से जांच की गई तो तीन सौ बेड अस्पताल समेत अन्य सभी जगहों पर किट में वायरल लोड न बताने और सैंपल बिखर जाने की शिकायत मिली। अफसरों ने लोगों की एंटीजन जांच नहीं रुकवाई और जो संदिग्ध हैं उनकी आरटीपीसआर जांच के लिए सैंपल लेने के निर्देश दे दिए। प्रत्येक किट के पैकेट में करीब 20 फीसदी किट पूरी तरह बेकार होने की जानकारी मिली। करीब दस हजार नई किट एक लाट में मिली थी, जो पूरी तरह खप गई। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अफसरों ने आनन फानन में किट बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, रद्दी किट जिले के सभी केंद्रों तक पहुंच गई थी। कुछ जांच केेंद्रों पर 20-25 किट ही बची थी, शुक्रवार को वह भी खपा दी गई। इसके बाद नई किट से जांच शुरू की गई।
युवक ने जताई आपत्ति, आरटीपीसीआर ही कर दीजिए
शुक्रवार को रामपुर गार्डन स्थित अग्रसेन पार्क में लगे जांच केंद्र पर दोपहर में एक युवक कोरोना की जांच कराने पहुंचा। टीम के फार्मासिस्ट नेमचंद ने लक्षण न होने पर पहले उससे एंटीजन किट जांच कराने को कहा तो उसने तत्काल इनकार कर दिया। पूछा कि किट पुरानी वाली है या नई। नई किट आ जाने की जानकारी देने पर भी युवक ने आरटीपीसीआर जांच ही कराई। साथ में आए परिजन ने नई एंटीजन किट से जांच करने का भी सुझाव दिया। जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। जिस पर उसके साथ आए अन्य परिजनों ने भी जांच कराई।
सिस्टम के भरोसे न रहें, जो निगेटिव थे.. बरतें सावधानी
पुरानी एंटीजन किट से हुई जांच में परिणाम सटीक न मिलने वालों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट आने में ही करीब आठ से दस दिन का समय लगेगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने लोगों से घरों में रहकर रिपोर्ट आने तक कड़ाई से क्वारंटीन के नियमों का पालन करने को कहा गया है। साथ ही, निगरानी समितियों से कोरोना की मेडिकल किट उन्हें देनेे को कहा गया है। ताकि संदिग्ध लोगों को परिणाम आने से पहले ही संक्रमण की गंभीरता से रोका जा सके। उधर, सर्विलांस टीम को भी एक्टिव किया है।
‘पुरानी जांच किट में सटीक परिणाम न मिलने की वजह से नई किट टीमों को मुहैया करा दी गई है। अगर किसी के पास किट नहीं पहुंची है तो वह तत्काल पुरानी किट देकर नई किट ले लें। जो लोग जांच में संदिग्ध थे और रिपोर्ट निगेटिव मिली है वह आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट मिलने तक क्वारंटीन नियमों का पालन करें।’ - डॉ. रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी